चालक परिचालक का व्यवहार खराब है, बस में सफाई नहीं है या मोबाइल चार्ज करने की व्यवस्था नहीं है, ऐसी कोई भी शिकायत है तो @UPSRTCHQ (यूपीएसआरटीसी एचक्यू) पर ट्वीट करें। इसके अलावा 18001802877 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने निर्देश दिए हैं कि रोडवेज बसों के यात्रियों से फीडबैक लिया जाए। उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
शुरू में जनरथ, राजधानी और पिंक सेवा बसों के लिए ट्विटर की सुविधा दी गई है। हेल्पलाइन पर तो किसी भी श्रेणी की बस का यात्री शिकायत दर्ज करा सकता है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संजय कुमार के मुताबिक जन शिकायतों के लिए सोशल मीडिया बड़ा माध्यम है। इसके लिए खास तौर से एक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक की तैनाती सोशल मीडिया पर आई शिकायतों के लिए लगाई गई है।
इस बाबत परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने भी बैठक ली है। कहा गया है कि ऑनलाइन संचालन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। इसमें संबंधित परिक्षेत्र अधिकारी प्राप्त आय, किलोमीटर, यात्रियों की संख्या को लेकर सूचना भरेंगे। उन्होंने कहा कि बसों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। एमडी के मुताबिक 05 वर्ष से ऊपर की बसों का एक सर्वे कराया जा रहा है और जिन बसों में शिकायतें पाई जाएंगी उसको ठीक कराया जाएगा।
ऐसी कर सकते हैं शिकायत
- यदि सीटें खराब हों, तय स्टापेज से अलग बस रोकी गई हो, अनाधिकृत ढाबों पर बस रोकी गई हो या अधिकृत ढाबे पर भी सुविधा न हो, बस में लाइट, एसी, चार्जिंग प्वाइंट न हो। सीटें खराब, व्यवहार, गति, पैसे लेकर टिकट न देना, बस में गंदगी आदि सभी शिकायतें।