योजना के अनुसार यूपीएसटीडीसी ने बस्ती में काली माता मंदिर, झरखंडी मंदिर व श्रीराम-जानकी मंदिर, आजमगढ़ में कालिका मंदिर, उन्नाव में सिद्धपीठ माता मंशारानी मंदिर, लखीमपुर में काली मंदिर, सेठ घाट तथा बाबा बनवारी दास धाम, बरेली के धोपेश्वर नाथ मंदिर समेत कुल 10 धार्मिक महत्व वाले स्थलों का सौंदर्यीकरण व विकास कार्य कराए जाएगा।
प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काफी काम हो रहा है। इसके तहत अब उन धार्मिक, आध्यात्मिक व ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों का भी सौंदर्यीकरण व विकास कराया जाएगा जो कई वर्षों से इससे वंचित रहे हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (यूपीएसटीडीसी) ने विस्तृत कार्य योजना बनाकर ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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योजना के अनुसार यूपीएसटीडीसी ने बस्ती में काली माता मंदिर, झरखंडी मंदिर व श्रीराम-जानकी मंदिर, आजमगढ़ में कालिका मंदिर, उन्नाव में सिद्धपीठ माता मंशारानी मंदिर, लखीमपुर में काली मंदिर, सेठ घाट तथा बाबा बनवारी दास धाम, बरेली के धोपेश्वर नाथ मंदिर समेत कुल 10 धार्मिक महत्व वाले स्थलों का सौंदर्यीकरण व विकास कार्य कराए जाएगा।
यूपीएसटीडीसी की ओर से शुरू की गई सौंदर्यीकरण व विकास प्रक्रिया में पांच जिलों के चिह्नित तीर्थों के काम होंगे। इनमें बस्ती व लखीमपुर के मंदिरों व तीर्थ स्थलों को प्रमुखता दी गई है। बस्ती के विक्रमजोत स्थित देवखार गांव में स्थित झरखंडी मंदिर, दुबखारा स्थित काली माता मंदिर व रेपुरा के जंगलों में स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर में सौंदर्यीकरण व विकास कार्यों के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके जरिए चयनित कंपनी व एजेंसी को काम आवंटित किए जाएंगे।