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Festival of Lights : दीपोत्सव में दिखी अयोध्या के विराट वैभव की झलक, 791 पौराणिक स्थलों पर जले दीप

Mon, 24 Oct 2022 06:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन मिश्र, अयोध्या

सार

UP News : लंका विजय के बाद अयोध्या लौट रहे अपने रघुनंदन के अभिनंदन में रामनगरी के 791 पौराणिक स्थल जब रविवार शाम आस्था के दिव्य प्रकाश से आलोकित हुए तो विराट अयोध्या के वैभव की झलक भी दिखी। जन-जन के राम की अवधारणा भी दीपोत्सव में पुष्ट होती दिखी।
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दीपोत्सव - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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रामनगरी में आस्था की इंद्रधनुषी छटा बिखरी हुई है। राम सियाराम, सियाराम जय-जय राम... की धुन के बीच अयोध्या का कण-कण राममय दिखा। लंका विजय के बाद अयोध्या लौट रहे अपने रघुनंदन के अभिनंदन में रामनगरी के 791 पौराणिक स्थल जब रविवार शाम आस्था के दिव्य प्रकाश से आलोकित हुए तो विराट अयोध्या के वैभव की झलक भी दिखी। श्रीराम हर घर में, जन-जन के मन में बस गए।  इस बार पीएम मोदी ने दीपोत्सव में शामिल होकर पूरे विश्व को संदेश दिया कि अयोध्या एक परिधि में बंधा भू-भाग नहीं, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की वह धरती है जिस पर सनातन धर्म का कीर्ति स्तंभ टिका हुआ है।

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सूरज ढलते ही अयोध्या में अलौकिक दिव्यता से त्रेतायुग जीवंत हो उठा। सरयू किनारे राम की पैड़ी पर अद्भुत, अप्रतिम...मनोहारी दिव्य दीपोत्सव ने समूचे विश्व को मानो मोह लिया हो। 20 हजार से अधिक अवध के युवा व हजारों भक्त साक्षी थे ही, ई-प्लेटफार्म पर करोड़ों दर्शक प्रभु राम की राजगद्दी संभालने के बाद इस खुशी के गवाह बने। दीपों की माला से रोशन अयोध्या धाम में सर्वाधिक 15,76995 दीप एक साथ प्रज्वलित होने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड भी बना। राममंदिर के मुक्ति के बाद एक पहला अभूतपूर्व दीपोत्सव रहा। कलियुग में पांच सदी के दर्द भरे इंतजार के दशरथनंदन राम के भव्य मंदिर निर्माण शुरू होने का आनंद जन-जन में छाया हुआ था। 

महंत गिरीशपति त्रिपाठी बोले कि अमित रूप प्रगटे तेहि काला, जथाजोग मिले सबहिं कृपाला...जब भगवान श्रीराम लंका विजय कर लौटे तो सभी राम के दर्शन को दौड़ पड़े थे। भगवान श्रीराम ने भी सब पर कृपा की और असंख्य रूपों में प्रकट हो गए सबसे एक ही साथ यथायोग्य मिले। कुछ इसी तरह का दृश्य रामनगरी में साकार हो रहा है। हर कोई अपने आराध्य के उत्सव को मन में बसा लेने को आतुर है। साकेत शरण मिश्र बोले कि खुशियों से हर कोई नाचता है, सबने घर-घर में दीपक जलाए...आज यही माहौल है। योगी सरकार द्वारा 2017 में शुरू किया गया खुशी, उल्लास व विजय का पर्व दीपोत्सव अब जन-जन का उत्सव बन गया है। 
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इस बार सिर्फ राम की पैड़ी ही नहीं बल्कि पूरी अयोध्या रोशन है और  दीयों से तरक्की की रोशनी प्रकाशमान हो रही है। शिक्षक जयशंकर त्रिपाठी पैदल राम की पैड़ी की ओर बढ़े जा रहे थे, बोले सजी-धजी व प्रकाशमान अयोध्या..हर तरफ गूंजती रामधुन..यह देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि त्रेतायुग की अयोध्या कुछ इसी तरह से अलौकिक रही होगी। हनुमान जयंती का संयोग और पीएम मोदी का रामलला के दरबार में दीप जलाना संयोग नहीं बल्कि श्रीराम की कृपा है। बदलती अयोध्या का संकेत है।

ऐतिहासिक पल संजोने को हर कोई दिखा बेताब
जन-जन के राम की अवधारणा भी दीपोत्सव में पुष्ट होती दिखी। जब प्रभु श्रीराम हेलीकाप्टर रूपी पुष्पक विमान से माता सीता व अनुज लक्ष्मण के साथ रामकथा पार्क में उतरे तो इस ऐतिहासिक पल को संजोने को हर कोई बेताब दिखा। छोटे बच्चों से लेकर महिलाएं व बुर्जग के साथ मुस्लिम, सिख व जैन समाज के लोग भी इस पल का साक्षी बनने के लिए मौजूद थे। सरदार चरनजीत सिंह भावुक थे कहा प्रभु श्रीराम के आगमन का दृश्य देखकर रामायण युग की अनुभूति होने लगी। बबलू खान भी जय श्रीराम का जयकारा लगा रहे थे, बोले राम सबके हैं, वे किसी सीमा में बांधे नहीं जा सकते। मनोज जैन भी राम-लक्ष्मण के स्वरूपों को अपलक निहार रहे थे, बोले कि अयोध्या अब अपने पुरातन गौरव को प्राप्त कर रही है। जो रामकथा पार्क तक नहीं पहुंच पाए उनके लिए प्रशासन द्वारा 36 स्थानों पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी।

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