प्रदेश के सभी आयुष (आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी) अस्पतालों का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। सभी अस्पतालों की जियो टैगिंग की जा रही है ताकि मरीजों को संबंधित अस्पताल पहुचने में किसी तरह की दिक्कत न हो।
प्रदेश के आयुष अस्पतालों को जियो टैगिंग करने की रणनीति को प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने फेल कर दिया है। उन्होंने गलत लोकेशन भेज दी। कुछ ने तो अपने घर के आसपास की लोकेशन भेज दी है। मामला पकड़ में आने के बाद करीब 25 चिकित्साधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। इनसे स्पष्टीकरण लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेश के सभी आयुष (आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी) अस्पतालों का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। सभी अस्पतालों की जियो टैगिंग की जा रही है ताकि मरीजों को संबंधित अस्पताल पहुचने में किसी तरह की दिक्कत न हो। जियो टैगिंग करने वाली कंपनी ने सभी अस्पतालों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों से अस्पताल की लोकेशन मांगी।
चिकित्साधिकारियों ने अस्पताल की लोकेशन देने के बजाय अपने घर के आसपास अथवा अस्पताल से दूर हटकर लोकेशन भेज दी है। सत्यापन के दौरान यह मामला पकड़ में आया। प्रदेश के 57 जिलों के सत्यापन में करीब 25 चिकित्साधिकारियों की मनमानी पकड़ी गई है। इन सभी को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कुछ जिलों का अभी सत्यापन चल रहा है।
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गलत लोकेशन भेजने का मकसद
विभागीय सूत्र बताते हैं कि जियो टैगिंग के बाद आनलाइन हाजिरी की व्यवस्था भी लागू होनी है। ऐसे में चिकित्साधिकारियों को लगा कि वे गलत लोकेशन भेज कर आनलाइन हाजिरी से बच जाएंगे। कुछ ने जियो टैगिंग को गंभीरता से नहीं लिया। इस वजह से गलत लोकेशन भेज दी।