आयोग की ओर से जनवरी 2022 में लेखपाल के 8085 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए पीईटी के आधार पर 2,67,677 अभ्यर्थी शार्ट लिस्ट किए गए। आयोग ने 31 जुलाई 2022 को इसकी लिखित परीक्षा आयोजित की।
प्रदेश को नए साल में 7987 लेखपाल मिल जाएंगे। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने शनिवार को लेखपाल भर्ती का अंतिम परिणाम जारी कर दिया। इसका अभ्यर्थी बेशब्री से इंतजार कर रहे थे। इसी के साथ आयोग ने लगभग एक हजार नौकरी हर माह देने का लक्ष्य भी पूरा किया है।
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आयोग की ओर से जनवरी 2022 में लेखपाल के 8085 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए पीईटी के आधार पर 2,67,677 अभ्यर्थी शार्ट लिस्ट किए गए। आयोग ने 31 जुलाई 2022 को इसकी लिखित परीक्षा आयोजित की। इसमें 2,12,915 अभ्यर्थी शामिल हुए। इसके बाद कुछ अभ्यर्थी कोर्ट चले गए। आयोग ने याचिकाएं निस्तारित होने के बाद दो मई 2023 को लिखित परीक्षा का परिणाम जारी किया।
लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को 19 सितंबर से 30 नवंबर तक अभिलेख परीक्षण कराया गया। इसी बीच अभ्यर्थी दो सवालों को लेकर सुप्रीम कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आयोग ने संशोधित उत्तर कुंजी जारी की। इसमें 14 से 16 दिसंबर को शेष 1596 अभ्यर्थियों का भी अभिलेख परीक्षण कराकर शनिवार को अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया। आयोग के सचिव अवनीश सक्सेना ने बताया कि दिव्यांग की दो उपश्रेणियों में 188 अभ्यर्थी पात्र नहीं मिले। इसलिए विज्ञापित 8085 पदों के सापेक्ष 7987 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। माना जा रहा है कि जल्द ही इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए जाएंगे।
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21 महीने में 21 हजार नियुक्तियां
प्रदेश में योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में आयोग ने हर महीने एक हजार नियुक्तियां पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। आयोग के अध्यक्ष प्रवीर कुमार ने कहा कि यह लक्ष्य हमने खुद के लिए बनाया था। इसके तहत मार्च-अप्रैल 2022 से अब तक यानी लगभग 21 माह में 21 हजार नियुक्तियों का लक्ष्य पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यह संभव हो पाया है दो स्तर की परीक्षा व्यवस्था के कारण। पीईटी के बाद मुख्य परीक्षा के लिए आवेदक अभ्यर्थियों का चयन करना काफी लाभदाई है। हम जल्द ही अन्य लंबित भर्तियों का परिणाम जारी करेंगे।