प्रदेश के सरकारी एवं निजी आयुष कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्रों के हाईस्कूल, इंटरमीएिडट प्रमाण पत्रों का संबंधित बोर्ड से सत्यापन कराया जाएगा। ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्यापन के बाद ही उन्हें दाखिला दिया जाएगा। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर दाखिला निरस्त कर दिया जाएगा। सरकारी कॉलेजों में सिर्फ उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों को दाखिला मिलेग, जबकि निजी कॉलेजों में यूपी का मूल निवासी होना और हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तर प्रदेश से पास करना अनिवार्य नहीं है।
प्रदेश में आयुष काउंसिलिंग को लेकर हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है। प्रमाण पत्रों की जांच के लिए अलग से कमेटी बनाई गई है। काउंसिलिंग के साथ कॉलेज में भी प्रमाण पत्रों की जांच होगी। तकनीकी सहयोग के लिए एनआईसी के जरिए नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज इनकारपोरेट्स (एनआईसीएसआई) से तीन तकनीकी सहायकों की तैनाती की गई है। काउंसिलिंग सचिव डा अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि अभी नामांकन चल रहा है। फिर भी हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है।
काउंसिलिंग में सामान्य वर्ग के लिए 50 परसेंटाइल, अनुसूचित जाति, जनजाति केलिए 40 परसेंटाइल, दिव्यांग अनारक्षित 45 परसेंटाइल और दिव्यांग आरक्षित श्रेणी के लिए 40 परसेंटाइल रखा गया है। प्रदेश में आयुष एडमिशन सेंट्रल काउंसिलिसंग कमेटी द्वारा करीब 1734 अभ्यार्थियों को विभिन्न कारणों से अयोग्य ठहराया गया है। ऐसे लोगों को काउंसिलिंग में शामिल नहीं किया गया है।