लुभावनी स्कीम का लालच देकर निवेशकों का 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक हड़पने वाली जालसाज कंपनी शाइन सिटी की बिहार स्थित कई संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जब्त करने जा रहा है। ये संपत्तियां पटना समेत बिहार के कई शहरों में खरीदी गयी थी, जिसकी कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। ईडी इसी हफ्ते इनको जब्त करने के बाद हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी में है।
दरअसल शाइन सिटी घोटाले की जांच को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया था। इसके बाद ईडी ने शाइन सिटी की लखनऊ, वाराणसी, चंदौली, प्रयागराज समेत एक दर्जन से ज्यादा शहरों में खरीदी गईं 125 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त कर लिया था।
ईडी की जांच में सामने आया है कि शाइन सिटी के एमडी राशिद नसीम और उसके भाई आसिफ नसीम के नाम से बिहार में भी कई बेशकीमती संपत्तियों को खरीदा गया है। इसका खुलासा लखनऊ जेल में बंद आसिफ नसीम से पूछताछ में हुआ था। इसके बाद ईडी के अधिकारियों ने संबंधित जिलों के रजिस्ट्री कार्यालयों से इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के दस्तावेजों की प्रति हासिल कर ली है।
ईडी, लखनऊ के संयुक्त निदेशक जितेंद्र सिंह के निर्देश पर इन संपत्तियों को जब्त करने की कवायद भी शुरू हो चुकी है। जल्द ही ईडी के अधिकारी बिहार जाकर इन संपत्तियों पर कब्जा हासिल कर लेंगे, जिसके बाद इनकी खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकेगी।
ईओडब्ल्यू की जांच हुई सुस्त
वहीं दूसरी ओर शाइन सिटी प्रकरण की ईओडब्ल्यू जांच सुस्त हो गयी है। दरअसल दो माह पूर्व शाइन सिटी प्रकरण में 18 मुकदमों की जांच करने वाले ईओडब्ल्यू के विवेचक के खिलाफ किसानों से रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। इसका मुकदमा खुद ईओडब्ल्यू की ओर से राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज कराने के साथ विवेचक को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद शाइन सिटी प्रकरण की जांच अचानक सुस्त पड़ गयी। बताते चलें कि ईओडब्ल्यू शाइन सिटी के एमडी राशिद नसीम का यूएई से प्रत्यर्पण कराने के लिए बीते दो साल से प्रयासरत है। हालांकि इसमें भी कोई सफलता नहीं मिल सकी है।