दरोगा भर्ती के मामले में हाईकोर्ट के आदेश का पालन न होने पर डीजीपी और पुलिस भर्ती बोेर्ड के अध्यक्ष पर अवमानना की कार्यवाही हो सकती है। न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की खंडपीठ ने याची रिंकी यादव की तरफ से दाखिल अवमानना की सुनवाई करते हुए सरकारी वकील की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए मांगी गई मोहलत को दरकिनार कर दिया। कोर्ट ने डीजीपी व पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष को आदेश दिया कि 13 फरवरी तक कोर्ट के आदेश का पालन कराएं अन्यथा कोर्ट अवमानना की कार्यवाही करेगा।
अधिवक्ता दीपक सिंह ने बताया कि याची ने दरोगा के पद पर अन्य पिछड़ा वर्ग महिला श्रेणी में चयन न होने पर एकल पीठ में अपील की थी। एकल पीठ ने सुनवाई के बाद पिछले साल सितंबर में जारी आदेश में याची को उपनिरीक्षक पद पर नियुक्ति न देने को गलत मानते हुए उसकी नियुक्ति बरकरार रखने का आदेश दिया था। साथ ही पुलिस विभाग को निर्देश दिया था कि याची के अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाणपत्र को स्वीकार करते हुए तीन सप्ताह में उसकी नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए।
प्रदेश सरकार ने इस मामले में एकल पीठ के आदेश को दो जजों की खंडपीठ में चुनौती दी थी। दिसंबर 2022 में सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार की इस अपील को खारिज करते हुए एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए याची रिंकी यादव को उपनिरीक्षक (सिविल) पुलिस पद पर नियुक्ति प्रदान कराने को कहा था। इसके बावजूद आदेश का पालन न होने पर याची की तरफ से अवमानना वाद दाखिल किया गया था।