प्रदेश में 50-50 बेड के दो संयुक्त चिकित्सालयों को शुरू करने की तैयारी है। इसमें एक अयोध्या के मिल्कीपुर में तो दूसरा गाजियाबाद के लोनी में है। इन दोनों अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती कर दी गई है। इन दोनों अस्पतालों के शुरू होने से आसपास के मरीजों को घर के पास ही उपचार मिल सकेगा।
अयोध्या के मिल्कीपुर में निर्मित 50 बेड के अस्पताल में इलाज शुरू होने से आसपास के मरीजों के साथ ही सुल्तानपुर के मरीजों को भी फायदा मिलेगा। यहां शुक्रवार से ओपीडी शुरू कर दी गई है। अस्पताल में नौ डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इसमें राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डा. मनोज कुमार, रेजियोलॉजिस्ट डा. अजय कुमार चौधरी, पैथोलॉजिस्ट डा. आलोक कुमार एवं सीएमओ बाराबंकी के अधीन कार्यरत आर्थोपेडिक डा. महेंद्र कुमार, ईएमओ डा. गौरव सिंह,डा. पारुल चौधरी, डा. शगुन मिश्रा, जिला चिकित्सालय अयोध्या से नेत्र सर्जन सुनीती महेंद्रा, सीएचसी बीकापुर से डेंटल सर्जन डा. अशोक कुमार वर्मा शामिल हैं।
इसी तरह गाजियाबाद के लोनी में बने 50 बेड के अस्पताल को अभी तक कार्यदायी संस्था ने मुख्य चिकित्साधिकारी को हस्तानांतरण नहीं किया है। उम्मीद है कि आचार संहिता खत्म होने के बाद इसे शुरू कर दिया जाएगा। यहां 13 डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इसमें जिला संयुक्त चिकित्सालय गौतमबुद्ध नगर से रेडियोलॉजिस्ट डा. कुसुमलता सागर, ईएनटी सर्जन डा. पियूष चौबे, अधीक्षिका डा. अंशु गुप्ता, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. प्रीति अग्रवाल, सीएमओ गाजियाबाद के अधीन कार्यरत डेंटल सर्जन डा. अभिषेक कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी अमरोहा से एनेस्थेटिस्ट डा. अनिल बघेल, सीएमओ मेरठ के अधीन कार्यरत ईएमओ डा. विनीत तोमर, नेत्र सर्जन डा. अल्का शर्मा, ईएमओ डा. भावना सिंह, डा. अनामिका, डा. रोहित, डा. शहबाज अख्तर खान, डा. अभिशेष शर्मा को लोनी में तैनाती दी गई है।