जनप्रतिनिधियों का फोन उठाने और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के तमाम निर्देशों का पुलिस अधिकारी पालन नहीं कर रहे हैं। शासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने इस बाबत मातहतों को सख्त हिदायत दी है कि वे जनप्रतिनिधियों केसीयूजी नंबर अपने मोबाइल में फीड करें। साथ ही हर पुलिस कार्यालय, थाने और चौकी में भी जनप्रतिनिधियों के सीयूजी नंबर सार्वजनिक तरीके से अंकित कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
प्रमुख सचिव ने समस्त पुलिस आयुक्त और जिलों के पुलिस कप्तानों को भेजे गए आदेश में कहा है कि शासन के संज्ञान में आया है कि पुलिस कार्यालयों, थानों में तैनात पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी संबंधित जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं निर्वाचित व्यक्तियों के नाम व सीयूजी नंबर मोबाइल में फीड नहीं रखते हैं। इससे जानकारी के अभाव में जनप्रतिनिधियों के प्रति समुचित शिष्टाचार प्रदर्शित होने में कमी रह जाती है। यह भी ध्यान रखा जाए कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान में कोई कमी न होने पाए। इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है।
नंबर सेव नहीं होने से बदल जाता है लहजा
दरअसल, जनप्रतिनिधियों का मोबाइल नंबर फीड न होने से पुलिसकर्मी बातचीत के दौरान उनसे सामान्य शिष्टाचार का पालन नहीं करते हैं। उनके बात करने का लहजा ठीक नहीं रहता है। कई बार नंबर फीड न होने की वजह से उनका फोन भी नहीं उठाते हैं। इसे लेकर जनप्रतिनिधि लगातार शासन से शिकायत करते रहते हैं। इसी वजह से प्रमुख सचिव को अब इस बाबत स्पष्ट आदेश देना पड़ा है।