नगर विकास विभाग के पास 32 से अधिक निकाय के अध्यक्षों के खिलाफ गंभीर शिकायतें हैं। इनमें सरकारी धन का बंदरबांट, परिजनों को ठेका और नौकरी दिलाना शामिल है। इससे जुड़े कुछ मामले सतर्कता, ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त के यहां से भी आए हैं।
नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में चल रही धांधली व इसे बढ़ावा देने वाले अध्यक्षों की कार्यप्रणाली को लेकर शासन कड़ा रुख अपनाने जा रहा है। लोकायुक्त, सतर्कता और ईओडब्ल्यू जैसी जांचों में आरोपों की पुष्टि होने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
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नगर विकास विभाग के पास 32 से अधिक निकाय के अध्यक्षों के खिलाफ गंभीर शिकायतें हैं। इनमें सरकारी धन का बंदरबांट, परिजनों को ठेका और नौकरी दिलाना शामिल है। इससे जुड़े कुछ मामले सतर्कता, ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त के यहां से भी आए हैं। इनमें दोषी अध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी की जा चुकी हैं।
पिछले दिनों उच्चस्तर पर हुई बैठक में निकाय अध्यक्षों की कार्यप्रणाली को लेकर हुई शिकायतों पर कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि अधिकतर मामलों में अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों ने बताया कि ऐसे निकाय अध्यक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।