वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद प्रदेश सरकार सितंबर-अक्टूबर में भूमि पूजन समारोह कराने जा रही है। सम्मेलन में हुए एमओयू को प्रभावी बनाने के लिये हर निवेशक से संवाद बनाएं। उन्हें जरूरत के अनुसार भूमि और समय से एनओसी दी जाए। ऐसे एमओयू को चिन्हित कर लिया जाए, जो समारोह के लिये तैयार हों।
ये निर्देश मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने बुधवार को दिए। वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर थे। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता 20 अप्रैल तक पहली बैठक कर ली जाए। जिला स्तर पर एमओयू की पाक्षिक समीक्षा मंडलायुक्त करें। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, इससे निपटने के लिये अधिकारी प्रोएक्टिव होकर काम करें। गत वर्ष जिन स्थानों पर पेयजल की समस्या हुई थी, उसकी कार्य योजना तैयार करें। टैंकर से पानी पहुंचाने के लिये पर्याप्त मात्रा में टैंकर की व्यवस्था कर लें। सार्वजनिक स्थानों यथा-बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, बाजार, स्कूल, कॉलेज आदि पर प्याऊ लगवाएं। लू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करें।
उन्होंने निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त पाइप-लाइन व लीकेज की मरम्मत, ओवरहेड टैंक की सफाई, पशुओं के पेयजल के लिए तालाब व पोखरों को भरवाया जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत एक करोड़ घरों तक नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिये बधाई दी। साथ ही यह निर्देश दिया कि हर गांव तक पेयजल पहुंचाना है।
छुट्टा पशु छोड़ने पर मालिकों पर जुर्माना लगाने का फरमान
मुख्य सचिव ने गौ-आश्रय स्थलों में पानी, शेड, भूसा गोदाम, छायादार पौधे व साफ-सफाई के निर्देश दिए। मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ने वाले पशु मालिकों पर जुर्माना लगाएं। निर्देश दिया कि अभियान चलाकर आश्रय स्थलों के मवेशियों की ईयर टैगिंग 22 अप्रैल तक पूरी करें। अधिकारी नियमित निरीक्षण कर व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। बैठक में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव पशुधन रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, सीईओ इनवेस्ट यूपी अभिषेक प्रकाश, राहत आयुक्त प्रभु नारायण सिंह, एमडी यूपीपीसीएल पंकज कुमार आदि उपस्थित थे।
गेहूं क्रय केंद्र रहें क्रियाशील
गेहूं क्रय की समीक्षा में मुख्य सचिव ने कहा कि सभी क्रय केन्द्र क्रियाशील रहें और पोर्टल पर किसानों के पंजीकरण शत-प्रतिशत किया जाये। जिले में कितने क्रय केंद्र कहां पर चल रहे है, इसका प्रचार-प्रसार किया जाये। सभी क्रय केन्द्रों पर पेयजल, साफ-सफाई आदि का समुचित प्रबंध करें। अधिकारियों ने बताया कि इस साल प्रदेश में 5900 क्रय केन्द्र संचालित किये जाने के सापेक्ष 5596 केंद्रों का अनुमोदन हो चुका है। अन्य 304 केंद्र प्रक्रियाधीन हैं। गत वर्ष इस अवधि में 5564 क्रय क्रेंद्र चल रहे थे।
मोटे अनाज व पंचायत ऑफिस का प्रस्तुतिकरण
बैठक में मंडलायुक्त प्रयागराज ने पंचायत ऑफिस: ग्रास रूट पब्लिक सर्विस सेंटर पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि पंचायत भवन में ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, पुलिस व अन्य अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इन भवनों को कॉमन सर्विस सेंटर का दर्जा भी दिया गया है, इससे गांव के लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ता है। इसकी मुख्य सचिव ने प्रशंसा की और पंचायत भवन में लाइब्रेरी बनाने का भी सुझाव दिया।
वहीं जिलाधिकारी रायबरेली ने मोटे अनाज पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने जिले में मिलेट्स की पैदावार, मार्केटिंग व लोगों को जागरूक करने के लिये किये जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। जिलाधिकारी सुल्तानपुर ने वेस्ट टू वेल्थ इनीशिएटिव के तहत ‘स्ट्रक्चरल वर्क फ्रॉम स्क्रैप मैटेरियल’ विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बोरिंग के खराब जीआई पाइप का प्रयोग गौशालाओं के शेड्स बनाने में किया गया है।