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कोविड के नए वैरिएंट को लेकर गाइडलाइन जारी : वार्ड आरक्षित करने और टेलीमोड पर ट्रेनिंग शुरू करने के निर्देश

Fri, 23 Dec 2022 12:09 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि अस्पतालों में अगर मरीजों को परेशान किया गया तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने इस संबंध में बृहस्पतिवार को सभी सीएमओ एवं सीएमएस को निर्देश जारी किए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोविड के नए वैरिएंट बीएफ 7 से बचाव एवं उपचार को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा दुर्गा शक्ति नागपाल ने सभी चिकित्सा संस्थानों एवं मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि गाइडलाइन के अनुसार सभी तैयारी पूरी करें। इसमें वार्ड आरक्षित करने से लेकर टेलीमोड पर प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

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गाइडलाइन के तहत जांच की व्यवस्था मुकम्मल रखने, कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने, स्वास्थ्य कर्मियों की कमी पूरी करने और उन्हें एहतियाती डोज लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को टेलीमोड में प्रशिक्षण दिया जाए। ताकि मरीजों की संख्या बढ़े तो उपचार में समस्या न होने पाए। 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को ज्यादा रिस्क की श्रेणी में रखा जाए। पीडियाट्रिक आईसीयू एवं सामान्य आईसीयू का मॉक ड्रिल कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। वेंटिलेटरों को भी दुरुस्त करने को कहा गया है। जहां जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेजों को डेडीकेटेड कोविड अस्पताल बनाया गया है। वहां चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के बीच समन्वय बढ़ाया जाए।

नए वैरिएंट से ज्यादा खतरा नहीं : धीमान
कोविड बचाव के लिए गठित सलाहकार समिति के अध्यक्ष व एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि नए वैरिएंट के इलाज की व्यवस्था अन्य वैरिएंट की तरह ही रहेगी। जिन देशों में नए वैरिएंट से लोग प्रभावित हुए हैं, वहां प्राकृतिक इम्युनिटी कम है। लेकिन भारत में इम्युनिटी 98 फीसदी है। यूपी में टीकाकरण ही नहीं, बल्कि एहतियाती टीके भी निरंतर लगाए हैं। ऐसे में यहां के लोगों को नए वैरिएंट से ज्यादा खतरा नहीं है। फिर भी हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है।
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राजधानी में कोविड अस्पताल तैयार
एसजीपीजीआई में बने राजधानी कोविड अस्पताल में बृहस्पतिवार को मॉक ड्रिल कर व्यवस्थाएं जांची गई हैं। यहां आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड एवं सामान्य वार्ड को कोविड मरीजों के लिए तैयार कर दिया गया है। अभी 20 बेड का वार्ड मरीजों के लिए खोला गया है। जरूरत पर वार्ड की संख्या बढ़ाई जाएगी।

कोरोना को लेकर रेलवे अस्पतालों में एलर्ट, एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनिंग, फीवर क्लीनिक एक्टिव
कोरोना को लेकर रेलवे अस्पताल एलर्ट मोड पर आ गए हैं। रेलकर्मियों की बूस्टर डोज के लिए सूची बनाई जा रही है। वहीं एयरपोर्ट पर यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग शुरू की जा रही है। जल्द ही कोविड रिपोर्ट भी चेक किए जा सकते हैं। दरअसल, चीन में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर से कोविड की आशंका को लेकर लखनऊ में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर रेलवे की ओर से अभी कोई घोषणा नहीं की गई है। पर पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के बादशाहनगर रेलवे अस्पताल में चिकित्सकों व कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया गया है। वहीं, बादशाहनगर रेलवे अस्पताल प्रशासन ने कोविड को लेकर समीक्षा शुरू कर दी है। उन कर्मचारियों का डाटा एकत्र किया जा रहा है, जिन्होंने अब तक बूस्टर डोज नहीं लगवाया है।

इतना ही नहीं ऑक्सीजन प्लांट व कोविड के दौरान बनाए गए वार्ड को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। रेलवे अस्पताल प्रोएक्टिव मोड में हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिन रेलकर्मियों को बूस्टर डोज नहीं लगाया गया है, उन्हें फोन कर बुलाया जाएगा और बूस्टर डोज की वैक्सीन दी जाएगी। दूसरी ओर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के इंडोर अस्पताल में भी तैयारियों को लेकर समीक्षाएं की जा रही हैं। माना जा रहा है कि कोविड संक्रमण फैलने से पहले ही रेलवे अपनी सारी तैयारियों को अमलीजामा पहना लेगा, ताकि रेलकर्मियों व मरीजों को असुविधाओं का सामना न करना पड़े।

एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनिंग
चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कोविड को लेकर एहतियात बरता जा रहा है। यात्री भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने में लगे हैं। वहीं पैसेंजरों की थर्मल स्कैनिंग की तैयारियां कर ली गई हैं। एक से दो दिन में यह स्कैनिंग शुरू कर दी जाएगी। इतना ही नहीं एयरपोर्ट प्रशासन आवश्यकता पड़ने पर कोविड रिपोर्ट भी चेक करने के बाबत आदेश जारी कर सकता है। हालांकि, फिलहाल ऐसे आदेश नहीं दिए गए हैं। सिर्फ ऐहतियात बरता जा रहा है।

अस्पतालों में लक्षण वाले मरीज बिना मास्क नो इंट्री
कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। कोविड को लेकर अस्पतालों में भी सख्ती शुरू हो गई है। सर्दी-जुखाम व बुखार वाले मरीजों को अस्पतालों में बिना मास्क प्रवेश नहीं मिलेगा। अस्पतालों में एनाउंसमेंट कराकर मरीज-तीमारदारों को जागरूक किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में हर दिन तीन से चार हजार मरीज आ रहे हैं। इमरजेसी में 80-90 मरीज भर्ती हो रहे हैं। मरीज-तीमारदार बिना मास्क लगाकर आते हैं। अस्पतालों में मरीजों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लोकबंधु राजनारायण अस्पताल में भी मास्क को लेकर सख्ती शुरू कर दी गई है। केजीएमयू, लोहिया, डफरिन, झलकारीबाई, सिविल, भाऊराव देवरस समेत दूसरे अस्पतालों में मरीज व तीमारदारों को मास्क लगाने के लिए कर्मचारियों ने रोक-टोक शुरू कर दी है। भर्ती मरीज व उनके तीमारदार को भी मास्क लगाने के  निर्देश दिए गए हैं। बलरामपुर अस्पताल सीएमएस डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कोविड प्रोटोकाल को लागू किया जा रहा है। सेनेटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शासन का निर्देश मिलते ही कोविड प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। डॉक्टर व कर्मचारियों को मास्क लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में अधिकारियों ने राउंड लेते वक्त डॉक्टर व कर्मचारियों को मास्क पहनने के निर्देश दिए गए हैं।

सेनेटाइजर की गई व्यवस्था
लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया सैनेटाइजर की व्यवस्था करा दी गई है। मरीज व तीमारदारों को दो गज की दूरी का पालन करने के लिए जागरूक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हाथों को समय.समय पर सेनेटाइज किए जाने को कहा जा रहा है।
 
फीवर क्लीनिक एक्टिव
कोविड का प्रकोप पूरी तरह से थमने बाद फीवर क्लीनिक की व्यवस्था धड़ाम हो गई थी। सभी मरीज मेडिसिन की ओपीडी में जा रहे थे। अस्पतालों ने फिर से फीवर क्लीनिक को एक्टिव किया है। इसमें बुखार व कोविड के लक्षण वाले मरीजों को भेजा जाएगा। जहां से उनकी कोविड जांच भी कराई जाएगी।

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उप मुख्यमंत्री ने सभी सीएमओ व सीएमएस को दिए निर्देश, मरीजों को परेशान करने वालों पर होगी कार्रवाई

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि अस्पतालों में अगर मरीजों को परेशान किया गया तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने इस संबंध में बृहस्पतिवार को सभी सीएमओ एवं सीएमएस को निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में अवैध वसूली अथवा अव्यवस्था होने पर वहां के अफसर जिम्मेदार माने जाएंगे। इसलिए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। उन्होंने गोंडा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं निंदनीय हैं। मरीज से डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी का वजूद है। मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

सरकारी अस्पतालों में इलाज की सभी सुविधाएं मुफ्त मुहैया कराई जा रही हैं। उन्होंने ओटी के बाहर सीसीटीवी लगवाने, जांच व दवाएं मरीजों को मुफ्त देने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पेयजल, ठंड से बचाव और अलाव की व्यवस्था  करने के निर्देश दिए हैं।
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