प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के 1750 विद्यालयों को पीएमश्री योजना के तहत उच्चीकृत करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय बजट में इसे हरी झंडी मिलने के बाद इन विद्यालयों में गैप एनालिसिस (आवश्यक जरूरतों का आंकलन) शुरू कर दिया गया है। संबंधित जिलों को चयनित विद्यालयों की सूची भेजकर जल्द सूचनाएं अपलोड करने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना प्राइमिनिस्टर स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएमश्री) के तहत प्रदेश के 1760 विद्यालयों को आदर्श मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाना है। केंद्रीय बजट में इसके प्रावधान के बाद प्रदेश स्तर पर इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इन चयनित स्कूलों में प्रवेशित विद्यार्थियों के सापेक्ष पर्याप्त शिक्षक, फिजिक्स-केमेस्ट्री की लैब, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं, खेद मैदान विकसित किए जाएंगे।
यहां के विद्यार्थियों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर सभी सुविधाएं मिलेंगी। इन सभी कायोऱ्ं के लिए प्रत्येक स्कूल को दो-दो करोड़ का बजट प्रावधान किया जाएगा। शासन की ओर से सूचित किया गया है कि प्रदेश में पीएमश्री योजना में उच्चीकृत किए जाने वाले 1750 में से 1661 बेसिक शिक्षा और 89 विद्यालय माध्यमिक शिक्षा के हैं। बेसिक के 1661 में से प्राथमिक परिषदीय विद्यालय (कक्षा एक से पांच) के 466 और कंपोजिट परिषदीय विद्यालय (कक्षा एक से आठ) के 1195 विद्यालय शामिल हैं।
इसी क्रम में महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी बीएसए को पत्र भेजकर कहा है कि योजना में चयनित विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्राचार्य से संपर्क कर निर्धारित पोर्टल पर विद्यालयवार गैप एनालिसिस की सूचना अपलोड करें। ताकि इसके बाद की कार्यवाही शुरू की जा सके। उन्होंने कहा है कि चयनित विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के अनुसार गुणात्मक व समावेशी विकास किया जाएगा।