लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट जल का दोबारा उपयोग कर हर साल करीब 62 लाख लीटर पानी की बचत कर रहा है। मेट्रो के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि यह पहल ग्रीन मेट्रो, क्लीन मेट्रो के विजन के तहत की जा रही है। लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो नेटवर्क में वर्षा जल संचयन प्रणालियां स्थापित की गई हैं, जिससे भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं, मेट्रो डिपो में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के जरिये पानी का ट्रीटमेंट कर उसका उपयोग ट्रेनों की धुलाई, डिपो रखरखाव और बागवानी में किया जाता है। उन्होंने बताया कि मेट्रो संचालन शुरू होने के बाद से 20 करोड़ से अधिक यात्रियों ने सफर किया है, जिससे लगभग आठ करोड़ लीटर ईंधन की बचत और दो लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है।