पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बृहस्पतिवार को पशुपालन निदेशालय में वर्चुअल इटावा में बने प्रदेश के पहले भेड़-बकरी पालन प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि भेड़-बकरी के पालन की प्रदेश में बेहतर संभावनाएं हैं, जो किसानों व पशुपालकों की आय दोगुनी करने में सहायक होगा। इस केंद्र में इच्छुक लोगों को व्यवासायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पशुधन मंत्री ने कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम से जुड़े प्रदेश के लगभग 500 ’मैत्रियों’ के साथ संवाद भी किया। उन्होंने कहा, पशुपालकों को गुणवत्तायुक्त पशु प्रजनन सुविधाएं समय से उपलब्ध कराएं। इससे पशुपालकों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को बल मिलेगा। मंत्री ने ऑनलाइन जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोवंश संरक्षण मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। एक नवंबर से शुरू निराश्रित गोवंश संरक्षण अभियान में कोई भी ढ़िलाई न बरती जाए।
गोआश्रय स्थलों के सुदृढ़ीकरण, विस्तारीकरण व अन्य आवश्यक व्यवस्था सम्बन्धी काम तय समय में पूरा किया जाए। पशुधन व दुग्ध विकास के अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने कहा कि मैत्री के प्रोत्साहन व उनकी कौशल क्षमता वृद्धि के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान से अधिक उत्पादक व उन्नतिशील प्रजाति के पशुओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों एवं पशुपालकों की आय में त्वरित वृद्धि संभव है।