उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग राजस्व संग्रह के साथ अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई भी कर रहा है। 2026-27 वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अगस्त तक करीब 24,795.52 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा 22,337.62 करोड़ रुपये था। इस बार पांच महीने में राजस्व में 2,457.90 करोड़ रुपये यानी करीब 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व का लक्ष्य 71,278 करोड़ रुपये निर्धारित है। इसके मुकाबले पांच माह में ही करीब 34.8 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हो चुका है।
अगस्त में 3,933.10 करोड़ का राजस्व जुटाया
अगस्त में विभाग ने 3,933.10 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जबकि पिछले साल इसी महीने 3,754.43 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई थी। यानी, अगस्त में 178.67 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिला और वृद्धि दर 104.76 प्रतिशत रही। इससे पहले अप्रैल में 5,248.06 करोड़, मई में 5,387.63 करोड़, जून में 5,173.87 करोड़ और जुलाई में 5,052.86 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था। जुलाई में पिछले साल की तुलना में 16.04 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
अवैध शराब के खिलाफ लगातार सख्ती, हजारों मुकदमे दर्ज
राजस्व वृद्धि के साथ अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ भी विभाग का अभियान जारी है। अप्रैल से जून 2026 तक 29,294 अभियोग दर्ज करते हुए 9.01 लाख लीटर अवैध मदिरा व मादक पदार्थ बरामद किए गए। इस दौरान 4,673 लोगों को गिरफ्तार, 819 आरोपियों को जेल भेजने के साथ तस्करी में इस्तेमाल 30 वाहन जब्त किए गए हैं।
पारदर्शी व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस पर जोर
आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कहा कि आबकारी विभाग राजस्व संग्रह के साथ अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। पारदर्शी व्यवस्था, तकनीकी निगरानी और प्रभावी प्रवर्तन के कारण राजस्व में लगातार वृद्धि हो रही है। सरकार का लक्ष्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि अवैध और जहरीली शराब के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाना भी है।
अवैध मदिरा के निर्माण के लिए अभियान जारी
आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि विभाग की टीमें राजस्व संग्रह के साथ-साथ अवैध शराब निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं। अगस्त में भी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, छापेमारी और चेकिंग बढ़ाई गई है। अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।