लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का शहर के पांच केंद्रों पर सीसीटीवी की निगरानी में शनिवार से मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया। पहले दिन परीक्षक देरी से मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचे। सुबह नौ बजे की जगह करीब एक बजे तक परीक्षकों के मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। पहले दिन सिर्फ 75 प्रतिशत परीक्षकों ने ही मूल्यांकन कार्य किया। शेष 25 प्रतिशत परीक्षक गायब रहे।
पहले दिन सिर्फ 30 से 35 हजार कॉपियां ही चेक हो पाईं। डीआईओएस ने केंद्र प्रभारियाें से नदारद परीक्षकों की रिपोर्ट मांगी है। इस दौरान कंट्रोल रूम में सभी केंद्रों से लाइव फुटेज रिले होता रहा। स्टेटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में रैंडमाइजेशन के बाद कॉपियां परीक्षकों को दी गईं। राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज विकासनगर की प्रधानाचार्य कुसुम वर्मा ने बताया कि 70 प्रतिशत परीक्षक पहुंचे। शनिवार को 7133 कॉपियां जांची गईं।
डीआईओएस राकेश पांडेय ने बताया कि 18 मार्च से एक अप्रैल तक मूल्यांकन होना है। शनिवार को राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज के कंट्रोल रूम के प्रभारी विनोद वर्मा मूल्यांकन पर नजर बनाए रहे। पांच केंद्रों में कुछ कक्षों के कैमरे ठीक से फुटेज रिले नहीं कर पा रहे थे, उन्हें ठीक करवाया गया। जो परीक्षक पहले दिन नहीं आए हैं, उन्हें नोटिस दिया जाएगा।