लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा की निगरानी के लिए इस बार स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और लोकल इंटेलिजेंस (एलआईयू) को कक्ष निरीक्षक के रूप शामिल किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद के मुताबिक, प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक ऐसे कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो एसटीएफ और एलआईयू टीम का हिस्सा होंगे। जिले में चिह्नित संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर टीम की विशेष नजर होगी।
22 फरवरी से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा शुरू होगी। नकलविहीन परीक्षा के लिए न केवल शिक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है बल्कि, प्रत्येक केंद्र पर पुलिस विभाग सहित अन्य सुरक्षा टीमों को भी तैनात किया गया है। विभाग के अनुसार, हर साल की तरह इस बार भी जिले में संवेदनशील व अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र चिह्नित किए गए हैं। संवाद
उत्तर पुस्तिका में परिषद का लोगो
बोर्ड परीक्षा में पहली बार परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पृष्ठ पर क्रमांक लिखा मिलेगा। प्रत्येक उत्तर पुस्तिकाओं के अंदर बोर्ड परिषद का लोगो भी मिलेगा।
इस बार विशेष निगरानी
नकलविहीन बोर्ड परीक्षा कराने के लिए इस बार विशेष तरह की तैयारी की गई है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर एसटीएफ, एलआईयू की निगरानी होगी। परीक्षा केंद्र के निरीक्षण के लिए बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई है। ऑनलाइन निगरानी के लिए प्रत्येक क्षेत्र में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
- डाॅ. महेंद्र देव, निदेशक माध्यमिक शिक्षा
परीक्षा केंद्रों पर भेजे गए प्रश्नपत्र
राजधानी के राजकीय जुबिली इंटर काॅलेज में बने स्ट्रांग रूम से सोमवार को परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र भेजे गए। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि वरिष्ठ शिक्षकों व पुलिसकर्मियों की सुरक्षा निगरानी में केंद्रों पर प्रश्नपत्र पहुंचाए गए। 113 परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा कराने के लिए पांच हजार से अधिक कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में 12 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष नजर रहेगी।