विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की पहल पर महिला सदस्यों के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया गया। लेकिन पूरे मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष की महिला विधायक सवाल पूछने में पीछे रहीं। पांच दिन तक चले सदन में विपक्ष की मात्र 4 महिला विधायकों ने सरकार से सवाल पूछे, जबकि सत्ता पक्ष की दो सदस्यों ने सवाल उठाए।
18वीं विधानसभा में 47 महिला विधायक हैं। इनमें से भाजपा की 29, अपना दल एस की तीन, सपा की 14 और कांग्रेस की एक शामिल हैं। बीते 19 से 23 सितंबर तक चले विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 74 तारांकित और 610 अतारांकित प्रश्न कार्यसूची में शामिल हुए। इनमें से पांच तारांकित और 23 अतारांकित प्रश्न महिला विधायकों ने पूछे। भाजपा की 29 महिला विधायकों में से 5 प्रदेश सरकार में मंत्री है। लिहाजा नैतिकता के चलते सदन में अपनी ही सरकार से सवाल नहीं पूछ सकतीं। शेष 24 में से नरैनी से विधायक ओममणि वर्मा ने सात अतारांकित प्रश्न पूछे। बलहा से भाजपा विधायक सरोज सोनकर ने एक तारांकित प्रश्न पूछा।
सवाल पूछने में असमौली से सपा की विधायक पिंकी यादव सबसे आगे रहीं। पिंकी ने 2 तारांकित और चार अतारांकित प्रश्न पूछे। जौनपुर की मछलीशहर से विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने 6 अतारांकित, चायल से सपा विधायक पूजा पाल ने एक तारांकित और 2 अतारांकित और सैय्यदा खातून एक तारांकित और तीन अतारांकित सवाल पूछे। अपना दल की डॉ. सुरभि ने एक अतारांकित सवाल पूछा। वहीं, कांग्रेस की आराधना मिश्रा मोना ने एक भी सवाल नहीं उठाया।
राजनीतिक दल महिला विधायकों को मौका दें
विधानसभा में हर बार महिला विधायकों के लिए विशेष सत्र आयोजित नहीं किया जा सकता है। उनको न केवल तारांकित और अतारांकित सवाल पूछने चाहिए बल्कि नियम 311, नियम 56 के तहत अन्य मुद्दे उठाने चाहिए। राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे उनकी महिला विधायकों को सवाल पूछने का मौका दें।
- सतीश महाना, विधानसभा अध्यक्ष
जानकारी का अभाव
महिलाबाद से भाजपा विधायक जय देवी कहती हैं कि जानकारी के अभाव में वह प्रश्न नहीं लगा पाती हैं। बताया कि उनके पति कौशल किशोर भी केंद्र सरकार में मंत्री हैं। वह भी समय नहीं दे पाते हैं। जय देवी ने भरोसा दिलाया कि आगामी सत्र में वह अपने क्षेत्र से जुड़े सवाल अवश्य पूछेंगी
तारांकित प्रश्न
पूर्व संसदीय कार्य मंत्री लालजी वर्मा बताते हैं कि तारांकित प्रश्न में केवल नीतिगत मामले पूछे जाते हैं। इसका निर्धारण विधानसभा अध्यक्ष विभागवार और उसके निर्धारित दिन के अनुसार करते हैं। तारांकित सवाल का जवाब सदन में दिया जाता है। प्रश्नकर्ता को उस पर दो पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति रहती है। एक दिन में अधिकतम 20 तारांकित सवाल लिए जाते हैं।
अतारांकित प्रश्न
इसमें क्षेत्र की समस्या, सूचना से जुडे़ मामले पूछे जाते हैं। अतारांकित प्रश्न का जवाब संबंधित मंत्री की ओर से सदन में नहीं दिया जाता है, बल्कि लिखित जवाब विधायक को घर पर मिलता है।