आशियाना थाने में एंबुलेंस सेवा 102 और 108 को बाधित करने की साजिश रचने का आरोप में कर्मचारी संगठन के वकील सहित दो पर मुकदमा दर्ज किया गया है। तीन दिन से 102 और 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारी हड़ताल पर है। जिसके कारण स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों को हड़ताल करने के लिए उकसाने और स्वास्थ्य सेवा को बाधित करने की साजिश रचने का आरोप लगा है। जीवीके कंपनी के अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने एस्मा सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
प्रभारी निरीक्षक आशियाना बृजेंद्र कुमार मिश्रा के मुताबिक जीवीके के सीएस कमलाकन्नन सुंदरम ने तहरीर दी। जिसमें कहा कि कंपनी पिछले कई साल से प्रदेश में एंबुलेंस सेवा को संचालित कर रही है। आरोप लगाया कि 26 जुलाई से एंबुलेंस सेवा का संचालन ठप हो गया है। एंबुलेंस सेवा को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चालक व अन्य कर्मचारी हड़ताल पर है। जिसके कारण पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रदेश में एंबुलेंस सेवा पर भी एस्मा लागू है।
इस महत्वपूर्ण सेवा को बाधित करने के लिए मुख्य साजिशकर्ता अभिनव नाथ त्रिपाठी है। इस कार्य में उनका सहयोग विक्रम सैनी ने दिया। दोनों ने कर्मचारियों को उकसा कर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किया है। अभिनव नाथ त्रिपाठी अधिवक्ता है। वह एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों के वकील है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक जीवीके के सीएस की तहरीर पर दोनों आरोपियों पर महामारी अधिनियम, आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, साजिश रचने, धारा 144 को उल्लंघन करने, सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।