फार्मेसी की बढ़ेंगी 12 हजार सीटें
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फॉर्मेसी सेक्टर में रोजगार की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश के संस्थानों में इसकी सीटें बढ़ाई जा रही हैं। साथ ही बड़ी संख्या में नए संस्थान भी खोले जा रहे हैं। फार्मेसी में युवाओं के रुझान को देखते हुए प्रदेश में इसके संस्थानों की वृद्धि होगी। इसके लिए 200 से अधिक नए संस्थानों ने संबद्धता के लिए आवेदन किया है। इसकी प्रक्रिया आखिरी चरण में है। 22 अगस्त से प्रस्तावित नए सत्र की प्रवेश काउंसिलिंग से पहले संबद्धता मिली तो डिप्लोमा इन फार्मेसी में लगभग 12 हजार सीटें बढ़ जाएंगी।
कोविड काल के बाद पूरे देश में फार्मेसी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं। इसे देखते हुए फार्मेसी में डिग्री के साथ डिप्लोमा संस्थानों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। नए सत्र 2023-24 में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) से एनओसी मिलने के बाद 200 से अधिक संस्थानों ने प्राविधिक शिक्षा परिषद में संबद्धता के लिए आवेदन किया है। जल्द ही इनकी संबद्धता फाइनल होगी। इन संस्थानों में पहले सत्र में न्यूनतम 60 सीटों के साथ पढ़ाई शुरू होगी। ऐसे में प्रदेश में लगभग 12 हजार सीटें बढ़ जाएंगी।
पॉलीटेक्निक में 49,778 सीटें
शासन ने प्रदेश के राजकीय व अनुदानित 166 पॉलीटेक्निक संस्थाओं में विभिन्न पाठ्यक्रमों में शैक्षिक सत्र 2023-24 के लिए 49,778 सीटें निर्धारित की हैं। इनमें 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटा भी शामिल है। इन संस्थाओं में सामान्य पाली में कुल प्रवेश क्षमता 44,139 निर्धारित है। स्ववित्त पोषित योजना में 2162 सीटों का निर्धारण किया गया है।
वहीं, इंटीग्रेटिंग पर्सन विद डिसेबिलिटी इन द मेन स्ट्रीम टेक्निकल एंड वोकेशनल स्कीम के अंतर्गत 35, दूसरी पाली के लिए 2542 और पीपीपी मोड में संचालित संस्थाओं में 900 सीटों का निर्धारण किया गया है।
शासन ने सीटों का निर्धारण करते हुए निर्देश दिया है कि सभी संस्थानों को प्रवेश निर्धारित सीटों पर ही होगा। एआईसीटीई, पीसीआई व आर्कीटेक्चर काउंसिल से मान्यता के बाद ही इनमें प्रवेश होगा।