रायबरेली। प्रधानमंत्री आवास योजना में मनमानी करने पर दो ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। डीएम ने शिकायतकर्ताओं को धमकाने के मामले में दोनों पर मुकदमा दर्ज कराने व संबंधित ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बचत भवन में हुई बैठक में डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे अच्छी तरह से समझ लें कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डलमऊ ब्लॉक के भीरा गोविंदपुर में पूनम पत्नी मनोज को पहली किस्त खर्च न होने के बाद भी जीओ टैगिंग करके दूसरी व तीसरी किस्त जारी कर दी गई। जांच में पाया गया कि अब तक कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। वर्तमान समय में सलोन में तैनात ग्राम विकास अधिकारी अरविंद कुमार साहनी इस मामले में दोषी पाए गए। इसके अलावा इसी गांव में तैनात ग्राम विकास अधिकारी सुनील भाष्कर ने पीएम आवास के लिए पात्र सरवार का नाम ही आवास प्लस की सूची से डिलीट कर दिया।
जांच में मामले की पुष्टि होने के बाद डीएम माला श्रीवास्तव ने ग्राम विकास अधिकारी सुनील भाष्कर व अरविंद कुमार साहनी को निलंबित करने का आदेश दिया। साथ ही शिकायतकर्ताओं को धमकाने के मामले में मुकदमा दर्ज कराने के भी आदेश दिए। लापरवाही प्रतीत होने पर डलमऊ के खंड विकास अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने बताया कि किसी भी स्तर पर कर्मचारियों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवासों पर योजनाओं में मनमानी करने वालों पर कार्रवाई होगी।