रायबरेली। ग्रीष्मावकाश के बाद खुले परिषदीय विद्यालयों में अब तक व्यवस्था नहीं सुधर पाई है। विद्यालय की व्यवस्था संभालने वाले अध्यापक ही लापरवाही बरत रहे हैं। बगैर किसी सूचना के गायब रहते हैं। विभागीय अफसरों के विशेष निरीक्षण अभियान का खास खौफ भी नहीं दिख रहा है। इसी अभियान के दौरान खंड शिक्षा अधिकारियों को दो स्कूल बंद मिले। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को इन स्कूलों के पूरे स्टाफ का जुलाई महीने का वेतन रोक दिया। तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
सतांव के खंड शिक्षा अधिकारी गौरव मिश्रा ने 11 जुलाई को प्राथमिक विद्यालय पूरे उम्मेद और बछरावां के खंड शिक्षा अधिकारी वरुण कुमार मिश्रा ने 14 जुलाई को प्राथमिक विद्यालय सैदपुर बेहटा का निरीक्षण किया। दोनों ही स्कूल बंद मिले। बीएसए ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय पूरे उम्मेद की प्रधानाध्यापिका शिवलली, सहायक अध्यापक अशोक कुमार, प्राथमिक विद्यालय सैदपुर बेहटा की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका जय लक्ष्मी, सहायक अध्यापक ज्योति वर्मा, शिक्षामित्र शीलू रानी का जुलाई महीने का वेतन/मानदेय रोक दिया गया है। इन सभी से बीईओ के मध्यम से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब न मिलने या संतोषजनक न होने पर प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।
विशेष निरीक्षण अभियान के तहत 10 से 14 जुलाई तक परिषदीय विद्यालयों में अनुपस्थित पाए गए 20 लोगों का एक-एक दिन का वेतन/मानदेय रोका गया है। बीएसए ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने बताया कि बीईओ, डीसी के निरीक्षण की समीक्षा प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से की गई। इसमें प्रधानाध्यापक मनीष कुमार, कमल नयन पांडेय, सहायक अध्यापक उदयभान, शिवानी वाजपेयी, अखिलेश अवस्थी, देवेंद्र सिंह, विजीता, शिवानंद त्रिपाठी, सुमित प्रकाश, ममता पांडेय अनुपस्थित मिले, जिस पर इनका वेतन रोका गया। इसी तरह अनुपस्थित मिले शिक्षामित्र मोहनलाल, पूनम मिश्रा, बबिता देवी, अनुदेशक राहुल वर्मा, सविता देवी, ऊषा देवी, अमिता कुशवाहा, अंजलि सिंह, सुमन देवी, प्रतिमा शुक्ला का मानदेय रोकने की कार्रवाई की गई है।