रायबरेली। डलमऊ क्षेत्र में बिना परमिट के 14 साल तक स्कूली बसों के संचालकों ने बच्चों की जान को खतरे में रखा। रोजाना फतेहपुर जिले से बच्चों को इन बसों से लाया गया और घर पहुंचाया गया। मंगलवार को बार्डर पर एआरटीओ (प्रवर्तन) मनोज कुमार सिंह की चेकिंग में स्कूलों में संचालित दो बसें पकड़ी गईं। वर्ष 2010 से संचालित इन बसों का अब तक परमिट ही नहीं लिया गया। बसों को सीज करके डलमऊ कोतवाली में बंद करा दिया गया।
एआरटीओ ने फतेहपुर की ओर से आ रहे चार ओवरलोड ट्रकों को भी बंद कर दिया। ट्रकों के मालिकों को करीब साढ़े तीन लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए गए हैं। फतेहपुर से बिना कागजात के लकड़ी लादकर आ रहे ट्रैक्टर-ट्राली को भी डलमऊ कोतवाली में बंद किया गया है।
एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अभियान में बिना सीट बेल्ट, हेलमेट और कागजों की कमी पर 45 छोटे-बड़े वाहनों का चालान करके करीब दो हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। परमिट बनवाने के बाद ही स्कूली बसों को छोड़ा जाएगा। इन बसों की उम्र भी पूरी हो चुकी हैं। अवैध रूप से स्कूली बसों का संचालन कराया जा रहा था।