खीरों (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत भीतरगांव में मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। गुरुवार को भी दो महिलाओं ने दम तोड़ दिया। तीन दिनों में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में एक के बाद एक हो रही मौतों से ग्रामीण दहशत में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को कैंप लगाकर लोगों की सेहत जांची।
भीतरगांव गांव निवासी कमल त्रिपाठी (45), सुक्खा लोधी (75), बरियाथोक गांव निवासी शोभनाथ गौतम (62), ननकई प्रजापति (78), कालीखेड़ा मजरे भीतरगांव निवासी छत्रपाल लोधी (60), गरवर का पुरवा मजरे भीतरगांव निवासी सुक्खा पाल (75) की मंगलवार को कुछ घंटों के अंतराल में मौत हो गई थी। बुधवार की सुबह सात बजे भीतरगांव निवासी रिटायर संग्रह अमीन सत्तीदीन (70) ने भी दम तोड़ दिया। दो दिनों में सात मौतों से गांव के लोग दहशत में थे।
इसी बीच कालीखेड़ा मजरे भीतरगांव की कलावती (70) की गुरुवार को लखनऊ केे एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। बेटी मालती ने बताया कि मां को दो माह से पेट में दर्द था। शरीर में सूूजन थी। सेनी मजरे भीतरगांव गांव की रमा (40) पत्नी श्यामलाल को गुरुवार सुबह हालत बिगड़ने पर सीएचसी खीरों पहुंचाया गया, जहां से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन कुछ देर बाद महिला ने दम तोड़ दिया।
सीएचसी के डॉ. मनीष मिश्रा ने बताया कि महिला को टीबी के लक्षण थे। हालत गंभीर थी। इसलिए उसे जिला अस्पताल भेजा गया था। उधर, खीरों सीएचसी में तैनात डॉ. एसए फारुकी, फार्मासिस्ट विजय त्रिपाठी, आशीष कुमार ने भीतरगांव स्थित मिनी सचिवालय में कैंप लगाकर 137 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। 88 लोगों के खून के नमूने लिए गए। डॉ. एसए फारुकी ने बताया कि जांच में सभी लोग स्वस्थ पाए गए। घरों में भी जाकर लोगों की सेहत जांची गई।
भीतरगांव ग्राम पंचायत की 14 हजार आबादी
भीतरगांव खीरों ब्लॉक क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत मानी जाती है। इस गांव में 10 पुरवे लगते हैं। इन पुरवों में 14 हजार की आबादी है। तीन दिन से एक के बाद एक हो रही मौतों से लोग दहशत में हैं।