लखनऊ में कैंट इलाके में मंगलवार देर रात मरी माता मंदिर के पास तेज रफ्तार दो कारों भिड़ंत हो गई। हादसे में फार्मेसी कॉलेज के प्रबंधक (प्रॉपर्टी डीलर भी) अश्वनी दुबे उर्फ सोनू दुबे (36) और उनके दोस्त प्रेम प्रकाश उपाध्याय उर्फ गोलू (32) की मौत हो गई। उनका चालक अमृतलाल घायल हो गया। दूसरी कार में सवार आशियाना निवासी व्यापारी मोहनलाल की दो बेटियों को चोटें आई हैं।
मूलरूप से संतकबीरनगर के नाथनगर चौवरियां निवासी अश्वनी गोमतीनगर विस्तार के सरस्वती अपार्टमेंट में परिवार सहित रहते थे। वह नाथनगर में ही एसएनडी कॉलेज ऑफ होम्योपैथिक एंड फार्मेसी शैक्षिक संस्थान के प्रबंधक थे। मंगलवार रात को गोरखपुर के बेतियाहाता दक्षिणी फलमंडी निवासी उनके दोस्त प्रेम प्रकाश कारोबार के संबंध में उनसे मिलने लखनऊ पहुंचे थे। रात 11 बजे प्रेम प्रकाश को लेने अश्वनी अपने चालक अमृतलाल के साथ कमता पहुंचे थे। उनको लेकर वह सुल्तानपुर रोड पर स्थित एक ढाबे में खाना खाने गए थे। देर रात जब वे लौट रहे थे तो अश्वनी कार खुद ही चला रहे थे। वह मरी माता मंदिर के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आ रही व्यापारी मोहनलाल की कार से उनकी कार टकरा गई।
प्रॉपर्टी का काम करते थे दोनों दोस्त
अश्वनी के परिवार में पत्नी हेमलता सचिवालय में लाइब्रेरियन हैं। दो बेटियां आंशी व धैर्या हैं। बड़े भाई अतुल दुबे विधानभवन में सुरक्षाकर्मी हैं। छोटा भाई रजनीकांत दुबे उर्फ सूरज सहायक समीक्षा अधिकारी के पद पर सचिवालय में तैनात हैं। प्रेम प्रकाश के परिवार में उनकी पत्नी मृदुला व मां रामपरी हैं। प्रेम प्रकाश और सोनू साथ मिलकर प्रॉपर्टी का काम करते थे। हादसे में घायल चालक अमृत लाल श्रीवास्तव नाथनगर के अलीनगर का रहने वाला है। वह अश्वनी के ही घर पर रहता था।
रॉन्ग साइड व तेज रफ्तार बना हादसे का कारण
एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास के मुताबिक देर रात खाली सड़क थी। अश्वनी रॉन्ग साइड थे। उनकी कार की रफ्तार भी तेज थी। कार की स्थिति देखकर साफ लग रहा है कि रफ्तार 100 किमी. प्रति घंटा के करीब रही होगी। वहीं, व्यापारी मोहनलाल दो बेटियों के साथ हजरतगंज से वापस लौट रहे थे। रफ्तार ज्यादा होने से अश्वनी कार पर नियंत्रण खो बैठे। व्यापारी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। इसी वजह से हादसा हुआ।
अश्वनी की कार के पहिये छिटककर दूर चले गए
अश्वनी की कार के परखचे उड़ गए थे। टक्कर लगने के बाद पहिये छिटककर काफी दूर चले गए। कई पुर्जे बिखरे हुए थे। जबकि मोहनलाल की कार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
डेढ़ घंटे बाद मिली पुलिस को सूचना
पुलिस के मुताबिक हादसे के करीब डेढ़ घंटे बाद 3.30 बजे पुलिस को सूचना मिली। जब पुलिस पहुंची तो घायलों की हालत काफी बिगड़ गई थी। आननफानन ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। बुधवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं, मोहनलाल की तरफ से भी तहरीर दी गई है। उनकी घायल दो बेटियों में से एक के हाथ में फ्रैक्चर है। उसका बृहस्पतिवार को ऑपरेशन होगा।