लखनऊ। असम में बैठकर फूड डिलीवरी कंपनी कर्मचारी बनकर ठगने वाले समीर अली और माहिदुल इस्लाम को आलमबाग और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने असम से गिरफ्तार किया है। शातिरों ने आलमबाग की शमीमा से ठगी की थी। आरोपियों के पास से एक कार, चार मोबाइल, 50 हजार रुपये और सात डेबिट कार्ड मिले हैं। आलमबाग के पुराना सरदारी खेड़ा निवासी शमीमा के पास 11 मार्च को एक अनजान कॉल आई थी। फोन करने वाले फूड डिलीवरी कंपनी एजेंट बनकर उनको एक एप डाउनलोड कराया और उनके दो बैंक खातों से 1.31 लाख रुपये निकाल लिए थे। शमीमा ने 13 मार्च को केस दर्ज कराया था।
छानबीन में पता चला कि ठगी असम में बैठे साइबर जालसाजों ने की थी। आलमबाग और साइबर क्राइम सेल की एक टीम असम भेजी गई। 10 मई को टीम ने असम के बरपेटा से समीर अली और माहिदुल इस्लाम को गिरफ्तार किया। 13 मई को पुलिस टीम दोनों को लेकर लखनऊ पहुंची और पूछताछ के बाद जेल भेज दिया।
पूछताछ में जालसाजों ने बताया कि उनका एक गैंग है। गैंग के सदस्यों का अलग-अलग काम है। कुछ लोग फोन कर लोगों को जाल में फंसाते हैं। कुछ लोग फर्जी सिमकार्ड की व्यवस्था करते हैं तो कुछ अपने खाते में ठगी की रकम मंगवाते हैं। आरोपियों ने यूपी सहित कई राज्य के लोगों के साथ लाखों की ठगी की बात कुबूली है।