रायबरेली। सलोन कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को बिजली तार चुराने वाले गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार पावर कॉर्पोरेशन के दो ठेकेदार जिले में बिजली तार चोरी का कार्य करा रहे थे। फरार दो ठेकेदार की पुलिस तलाश कर रही है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने चार लाख कीमत का बिजली तार बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सलोन कोतवाली क्षेत्र में 15 अप्रैल की रात अमावां से दाउदपुर को निकली 33 केवी लाइन से बिजली का तार चोरी हो गया था। बिजली उपकेंद्र सूची के जेई विजय श्रीवास्तव ने सलोन कोतवाली में बिजली चोरी किए जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी। कोतवाल नारायण कुशवाहा को घटना के खुलासे के लिए लगाया गया था।
एसपी के मुताबिक कोतवाल ने पुलिस टीम के साथ मंगलवार तड़के करीब चार बजे दांदू तिराहा मोड़ के पास से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमें सलोन के बिसइया गांव निवासी रमेश यादव,बृजेश, अखिलेश, जगतपुर के पारी गांव निवासी जसवंत यादव, प्रयागराज के मऊमऊआइमा थाना क्षेत्र के गेंदो उमरिया गांव निवासी मो. इबरार को पकड़ा गया है। वहीं बिसइया गांव निवासी कुलदीप और प्रयागराज के मऊआइमा थाना क्षेत्र के उमरिया गांव निवासी आजाद उर्फ नजमे आलम फरार है, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। एसपी ने बताया कि फरार आरोपी पावर कॉर्पोरेशन के ठेकेदार हैं। ठेकेदार के माध्यम से पकड़े गए आरोपी बिजली तार चुराने का काम करते थे। इसके बाद तार महंगे दाम में बिक्री कर लेते थे। पकड़े गए आरोपियों के पास से चार लाख कीमत का 10 बंडल तार, 1370 रुपये बरामद किए गए हैं। आरोपियों के पास से एक लोडर बरामद किया गया है, जिसे सीज कर दिया गया है।
कोतवाल के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों और ठेकेदारों का एक गैंग है। यह गैंग रायबरेली के साथ ही प्रयागराज, प्रतापगढ़ जिले में बिजली तार चोरी का काम करता था। खास बात ये है कि विभागीय ठेकेदार होने के नाते इन पर कोई शक भी नहीं करता था। कोतवाल ने बताया कि ठेकेदार की गिरफ्तारी के बाद गैंग के कारनामे की और जानकारी हो सकेगी।