फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी से सोना उड़ाने वाले दो गिरफ्तार

विज्ञापन
एयरपोर्ट के बाहर से पकड़े गए तस्कर से बरामद सोना। स्रोत पुलिस
विज्ञापन
लखनऊ। एसटीएफ ने सोमवार को फर्जी ग्राहक बनकर मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी से आठ लाख रुपये का सोना रिलीव कराने वाले दो शातिरों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में शामिल मास्टरमाइंड कंपनी का ही पूर्व कर्मचारी है जबकि उसका साथी बीटेक पास है। एसटीएफ ने दोनों आरोपियों को महानगर पुलिस के सुपुर्द किया। आरोपी ने पूरा खेल कंपनी के ही कर्मचारी की मदद से ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल की जगह अपना नंबर दर्ज कराकर किया था।
विज्ञापन


एसटीएफ के डीएसपी डीके शाही ने बताया कि सीतापुर के बिसवां निवासी प्रियांशु शुक्ल और अलीगंज के रहने वाले बीटेक पास अनुराग शुक्ल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी प्रियांशु मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी का पूर्व कर्मचारी है। उसने जानकारी जुटाई कि बहराइच में तैनात एडीओ महेंद्र प्रताप सिंह ने कंपनी की महानगर शाखा में 133 ग्राम गोल्ड रखकर लोन लिया था। जिसे छुड़ाने का वक्त आ गया है।
प्रियांशु ने खुद महेंद्र प्रताप बनकर कंपनी के कर्मचारी विनय को कॉल की। उसने कहा कि मेरा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदल दिया जाए। विनय झांसे में आ गए और महेंद्र का नंबर हटाकर जालसाज का नंबर दर्ज कर दिया। इसके बाद प्रियांशु ने ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर गोल्ड रिलीविंग का ऑर्डर करा लिया। फिर प्रियांशु ने अनुराग को भेजकर गोल्ड रिसीव भी करा लिया।
विज्ञापन

महेंद्र शनिवार को जब अपना सोना छुड़ाने पहुंचे तो पता चला कि सोना कोई और ले जा चुका है। तब उन्होंने महानगर थाने में कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसटीएफ ने मामले का खुलासा कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। दोनों को जेल भेजा गया है।
प्रियांशु कंपनी में काम कर चुका है, इसलिए उसे पूरी जानकारी थी कि किस तरह से गिरवी सोना छुड़ाया जाता है। अनुराग नशे का लती है। उसके पिता पावर कॉर्पोरेशन में अफसर हैं। वह रकम की लालच में सोना लेने चला गया था। एसटीएफ के मुताबिक ऑनलाइन रिलीविंग प्रक्रिया करने पर ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल पर ओटीपी आता है। इसी वजह से प्रियांशु ने ग्राहक महेंद्र का नंबर हटवाकर अपना नंबर दर्ज करा दिया था।
सोना रिसीव करते वक्त अनुराग की फोटो क्लिक की गई थी। उसका सीसीटीवी फुटेज भी है। जिसमें अनुराग स्पष्ट दिख रहा है। इस खेल में अमन तिवारी नाम का शख्स भी शामिल है। उसकी तलाश की जा रही है। कंपनी के कर्मचारियों की भूमिका भी तलाश की जा रही है। फिलहाल कर्मचारी की लापरवाही उजागर हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें