- चोरी का आरोप लगाते हुए मुंशी को किया था प्रताड़ित
- जांच में हत्या की पुष्टि नहीं, आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा लगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। पारा इलाके में मुंशी ओमप्रकाश की मौत के मामले में पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद और उसके साथी अमन तिवारी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। मामले में मृतक की पत्नी ने मंगलवार को ठाकुरगंज थाने में हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि ओमप्रकाश की हत्या नहीं हुई थी, बल्कि उसने प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की थी। बुधवार को आरोपियों को दबोचकर हत्या की धारा हटाते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस को तरमीम कर दिया।
पारा मोहान रोड निवासी मीना के अनुसार, पति ओमप्रकाश प्राॅपर्टी डीलर प्रमोद के सरोसा-भरोसा स्थित ऑफिस में मुंशी था। 14 अप्रैल की सुबह करीब आठ बजे ओमप्रकाश काम पर जाने की बात कहकर निकला था। रात करीब दस बजे प्रमोद ने मीना को फोन कर बताया कि ओमप्रकाश ऑफिस में चोरी कर भाग गया है। मीना के अनुसार, 15 अप्रैल को वह प्रमोद के दफ्तर पहुंची, जहां प्राॅपर्टी डीलर का साथी अमन तिवारी भी था। मीना ने पुलिस को बताया कि पति की बाइक दफ्तर के बाहर ही खड़ी हुई थी। वहीं, दोनों ने ओमप्रकाश का मोबाइल, आधार कार्ड और श्रम कार्ड मीना को दिया था। पति के बारे में पूछने पर गालीगलौज कर भगा दिया था।
16 अप्रैल की दोपहर करीब दो बजे ओमप्रकाश का शव भुंवर रेलवे क्रॉसिंग के पास मिला। मीना का आरोप है कि 14 अप्रैल को चोरी का आरोप लगाते हुए प्रमोद व उसके साथी तिवारी ने ओमप्रकाश को पीटकर मार डाला और शव रेलवे लाइन पर फेंका था। मंगलवार को उन्होंने प्रमोद और अमन के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया।
इंस्पेक्टर ठाकुरगंज विकास राव के अनुसार, छानबीन में पता चला कि ओमप्रकाश की मौत ट्रेन के सामने आने से हुई थी। आरोपियों ने चोरी का आरोप लगाते हुए ओमप्रकाश को प्रताड़ित किया था। आहत होकर ओमप्रकाश ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली थी। हत्या की धारा को हटाते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस तरमीम कर प्रमोद और अमन को गिरफ्तार कर लिया गया है।