दिल्ली के कारोबारी से 50 लाख की ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। आईएएस अधिकारी बनकर जालसाज ने ठेका दिलाने का झांसा देकर कारोबारी को लखनऊ बुलवाया था। वीवीआईपी गेस्ट हाउस नैमिषारण में ठहरे कारोबारी से देर रात चार से पांच लोग मिलने पहुंचे। संदेह होने पर व्यापारी बाहर निकला और पुलिस को सूचना दे दी। पीड़ित की तहरीर पर हजरतगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज अखिलेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, दिल्ली के सहादरा निवासी स्वेत गोयल का कंस्ट्रक्शन का कारोबार है। स्वेत गोयल के मुताबिक, करीब 20 दिन पहले एक परिचित के जरिये दिल्ली में रहने वाले ही बिष्ट नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई। बिष्ट ने खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करीबी आईएएस अधिकारी बताया। उसने सरकारी ठेका दिलाने का दावा किया और मीटिंग तय कर ली। रविवार को कारोबारी स्वेत गोयल को लखनऊ बुलाया गया। उसे नैमिषारण गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 506 में ठहराया गया। वहीं पर देर रात को आईएएस बना जालसाज बिष्ट, एसके बाजपेयी और दो तीन अन्य लोग पहुंचे। एसके बाजपेयी ने बताया कि वह भी आईएएस है और शिकायत प्रकोष्ठ में सचिव है।
ठेका दिलाने के नाम पर मांगे 50 लाख
स्वेत के मुताबिक, जालसाजों ने सरकारी विभागों में ठेका दिलवाने का वादा किया। कहा, ठेके निकलने वाले हैं। इसके लिए 50 लाख रुपये मांगे। संदेह होने पर स्वेत बहाना बनाकर बाहर निकला और फिर दिल्ली के लिए निकल गया। उसने रास्ते में रही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा दी।
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। स्वेत ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की प्रति डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक को भेजी। इस पर उन्हाेंने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज अखिलेश मिश्रा के मुताबिक, मामले में पुलिस ने एसके बाजपेपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, अन्य की तलाश की जा रही है। एसके बाजपेयी लखीमपुर खीरी का रहने वाला है। उसके खिलाफ सुगर फैक्टरी, एफसीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का केस भी दर्ज है।