लखनऊ। बंगाली क्लब की महासचिव के रूप में तृषा सिन्हा को सोमवार को निर्विरोध निर्वाचित किया गया। यह पद शंकर भौमिक के निधन बाद से रिक्त था। क्लब अध्यक्ष अरुण कुमार बनर्जी ने बताया कि तृषा सिन्हा, पहली महिला महासचिव हैं। स्व. अतुल कृष्ण सिन्हा की प्रपौत्री हैं, जिन्होंने वर्ष 1914 में बंगाली क्लब में लखनऊ की पहली सार्वजनिक दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी। क्लब की स्थापना वर्ष 1892 में की गई थी। तब से लेकर अबतक कोई भी महिला महासचिव नहीं बनी थी। पहली बार किसी महिला को महासचिव के रूप में चुना गया हैं। तृषा सिन्हा ने क्लब के मूल्यों का पालन करते हुए बेहतरीन काम करने की बात कही। समाज की महिलाओं के लिए कुछ अलग करने पर विचार किया जाएगा। ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी अधिक की जा सके।