किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो सर्जरी वार्ड में सोमवार सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लग गई।
सुबह नौ बजे अचानक स्विच बोर्ड से चिंगारियां और धुआं निकलने लगा। इससे वहां हड़कंप मच गया।
सुबह का समय होने के कारण वार्ड में डॉक्टर और छह मरीज मौजूद थे। धुआं फैलते ही तीमारदार मरीजों को सुरक्षित निकालने लगे।
इसी बीच डॉक्टरों ने इलेक्ट्रीशियन को सूचना दे दी। आनन-फानन में कनेक्शन काटकर आग फैलने से रोका गया।
लगभग दो घंटे की मेहनत के बाद वार्ड से धुआं निकलकर मरीजों को दोबारा भर्ती कराया गया। केजीएमयू में एक सप्ताह के अंदर आग लगने की यह दूसरी घटना है।
ट्रॉमा सेंटर के फर्स्ट फ्लोर पर सर्जरी विभाग की कैजुअलिटी, आरएसओ, जनरल वार्ड और ऑपरेशन थिएटर हैं।
सोमवार सुबह लगभग नौ बजे सोमवार आरएसओ वार्ड बी में एसी के पैनल में शार्ट सर्किट हो गया।
तार जलने से अचानक स्पार्किंग की आवाज आई और वार्ड में धुंआ भरने लगा। स्विच बोर्ड भी जलने लगा।
जिस समय शार्ट सर्किट हुआ वहां डॉक्टर डॉ. वैभव राउंड कर रहे थे।
शार्ट सर्किट होते ही उन्होंने हालात को समझकर स्टाफ और तीमारदारों की मदद से मरीजों को वार्डों से बाहर निकालना शुरू कर दिया।
आनन-फानन में बेड समेत सभी 18 मरीजों को बाहर निकाला गया।
आग लगने से पूरे आरएसओ बी वार्ड में धुआं भर गया था। अचानक आग लगने से पूरे प्रथम तल पर हड़कंप मच गया।
धीरे-धीरे इसकी सूचना पूरे ट्रॉमा सेंटर में फैल गई। इससे तीमारदारों और मरीजों में अफरा-तफरी मच गई।
वहां के स्टाफ और चिकित्सकों ने लोगों को समझाया। इसी बीच वहां ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. एस.एन. शंखवार भी पहुंच गए थे।
आग की सूचना मिलते ही इलेक्ट्रीशियन ने मौके पर पहुंचकर बिजली की मेन सप्लाई बंद कर दी।
इससे शार्ट सर्किट से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। जल्दी ही आग पर काबू पा लिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एससी तिवारी भी ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। डेढ़-दो घंटे में स्थितियां सामान्य हो गई थी।