रायबरेली। जिले के अलावा अमेठी को भरपूर बिजली उपलब्ध कराने के लिए सलोन क्षेत्र के सिरसिरा गांव में निर्माणाधीन 400 केवीए ट्रांसमिशन का काम ठप हो गया है। इसकी मुख्य वजह कार्यदायी एजेंसी की लापरवाही थी। तीन साल में महज 60 फीसदी काम करने वाली चेन्नई की बीजीआर एजेंसी को डिबार कर दिया गया है। अब दूसरी एजेंसी से शेष कार्य कराए जाने की तैयारी चल रही है।
जिले के सबसे बड़े ट्रांसमिशन का निर्माण 2019 में शुरू हुआ था। एजेंसी को यह कार्य 2021 में पूरा करना था। 375 करोड़ के प्रोजेक्ट में 173 करोड़ से भवन, बिजली के उपकरण आपूर्ति और लगाने की जिम्मेदारी बीजीआर को सौंपी गई, लेकिन एजेंसी की ढिलाई से अब तक काम पूरा नहीं हो पाया। इसके लिए कई बार एजेंसी को नोटिस दिया गया, लेकिन काम में तेजी नहीं आई।
इसकी वजह से एजेंसी से काम छीन लिया गया। शेष कार्य कराने के लिए दूसरा टेंडर निकाला जाएगा।
उपकेंद्रों को जोड़ने के लिए लाइनें बनकर तैयार
जिले के अलावा अमेठी जिले के उपकेंद्रों को जोड़ने के लिए बिजली की लाइनें बनकर तैयार हो गई हैं, लेकिन उपकेंद्र का संचालन नहीं शुरू होने से उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है।
दूसरी एजेंसी से पूरा कराया जाएगा काम
काम में सुस्ती और लेटलतीफी के चलते कार्यदायी एजेंसी बीजीआर से काम छीन लिया गया है। शेष कार्य को पूरा कराने के लिए उच्चस्तर पर दूसरा टेंडर निकालने की प्रक्रिया चल रही है। एजेंसी नामित होते ही काम शुरू कराया जाएगा।
-सौरभ प्रजापति, उपखंड अधिकारी ट्रांसमिशन