रायबरेली। कोहरे के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी कम नहीं हो रही है। बुधवार सुबह हुई बारिश के बाद भी यात्री समय से स्टेशन पर पहुंच गए, लेकिन ट्रेनों की लेटलतीफी ने उन्हें काफी परेशान किया। यात्रियों को बारिश में भीगना पड़ा तो कई ठंड में ठिठुरते भी नजर आए। प्लेटफार्म पर कई जगह टिनशेड से बारिश का पानी टपकता रहा। काशी विश्वनाथ, नौचंदी और पंजाब मेल समेत कई गाड़ियां काफी विलंब से आईं।
बुधवार को लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली स्पेशल पौने तीन घंटे, अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल दो घंटे, सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस और दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस पौने दो घंटे, हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल सवा घंटे, सिंगरौली से टनकपुर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस एक घंटे, बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, पुरी से आनंद विहार जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस और प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस आधे-आधे घंटे विलंब से आई।
बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल शहर के रेलवे स्टेशन और हरचंदपुर में पौन घंटे लेट रही तो बछरावां में लेटलतीफी बढ़कर सवा घंटे हो गई। बीच में ट्रेन की रफ्तार धीमी रही और रोका भी गया। मंगलवार देर रात नई दिल्ली से बनारस जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सवा दो घंटे और प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस पौने दो घंटे विलंब से आई।
ट्रेनों की लेटलतीफी ही नहीं, बल्कि बारिश और ठंड की वजह से भी यात्री परेशान रहे। बारिश के कारण देर न हो जाए, इसलिए यात्री समय से पहुंच गए, लेकिन ट्रेनें लेट रहीं।
बारिश में भीगे पार्सल, कंधों पर लादकर पार किया ट्रैक
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर पार्सल को प्लेटफार्म नंबर दो-तीन से प्लेटफार्म नंबर एक पर लाने में आने वाली समस्या दूर नहीं हो रही है। पार्सल हॉल प्लेटफार्म नंबर एक पर है। स्टेशन पर कोई पार्सल-वे न होने से ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं। ज्यादातर पार्सल ट्रेन से प्लेटफार्म नंबर दो-तीन पर उतरते हैं, जो कई घंटों तक वहीं पड़े रहते हैं।
बुधवार को समस्या उस समय गंभीर हो गई, जब बारिश में पार्सल भीगते रहे। रोज की तरह कई घंटों बाद पार्सल के बड़े-बड़े बंडल कंधों पर रखकर कर्मचारी ट्रैक पार करते दिखे। पार्सल-वे न होने से कर्मचारियों को किसी तरह बंडलों को प्लेटफार्म नंबर एक पर लाना पड़ता है। यह काम जाम जोखिम में डालने से कम नहीं। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने कहा कि पार्सल-वे के संबंध में उच्चाधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। उच्चाधिकारी ही कोई निर्णय ले सकते हैं। (संवाद)