लखनऊ। लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के क्लिनिकल हेमेटोलॉजी विभाग में पीआईसीसी लाइन के सुरक्षित इस्तेमाल और देखभाल के लिए शनिवार को कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पीआईसीसी लाइन लगाने की सुरक्षित तकनीक, संक्रमण से बचाव, कैथेटर की देखभाल और संभावित जटिलताओं से निपटने के तरीके बताए गए।बताया गया कि कैंसर और दूसरी गंभीर बीमारियों के मरीजों को लंबे समय तक दवाएं देने के लिए नस में विशेष कैथेटर (पीआईसीसी लाइन) लगाया जाता है। प्रतिभागियों को मशीन और मॉडल के जरिए इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह, डीन डॉ. प्रद्युम्न सिंह और विशिष्ट अतिथि डॉ. अरविंद मौजूद रहे। अतिथि विशेषज्ञ डॉ. तुषांत और डॉ. अभिनव चौहान ने प्रशिक्षण दिया। विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता अवस्थी ने कार्यशाला का नेतृत्व किया। डॉ. पूर्वी कपूर और डॉ. अल्पिका शुक्ला ने समन्वय किया।