वह शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल सीएसआईआर-सीमैप ने की है।
वैज्ञानिकों ने अलग-अलग स्कूलों से आए करीब 30 बच्चों को शनिवार को फूलों से अगरबत्ती बनाने की तकनीक सिखाई। इन बच्चों को सिखाया गया कि कैसे फूलों का उपयोग कर अगरबत्ती बनाई जा सकती है।
संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. आरपी बंसल ने बताया कि इस्तेमाल किए गए फूलों को सुखाकर और उनका पाउडर बनाकर उत्तम क्वालिटी की अगरबत्तियां बनाई जा सकती है।
मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि इस्तेमाल किए गए फूलों से अगरबत्ती बनाकर प्रदूषण की से भी निजात पाई जा सकती है।
अगरबत्ती निर्माण पर प्रशिक्षण सीएसआइआर-800 योजना में दिया जा रहा है। इससे लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकेंगे।