लखनऊ में पुलिस ने ट्रेनी नर्स की हत्या का खुलासा कर दिया है। तीन प्रेमियों ने मिलकर ट्रेनी नर्स की हत्या की थी। 10 अप्रैल की शाम को ट्रेनी नर्स लापता हुई थी। दूसरे दिन ट्रेनी नर्स का रेलवे ट्रैक के पास शव पड़ा मिला था। पुलिस ने डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
लखनऊ के मलिहाबाद के रहीमाबाद पुलिस ने शनिवार को ट्रेनी नर्स हत्याकांड का खुलासा कर डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से वह जेल भेजे गए। पुलिस की जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों का नर्स से प्रेम प्रसंग था। एक-एक कर जब तीनों को इसके बारे में पता चला तो एकजुट होकर हत्या की साजिश रची।
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इसके तहत उसे मारकर ट्रैक किनारे फेंक दिया था। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात कुबूली है। रहीमाबाद निवासी 17 वर्षीय ट्रेनी नर्स एक निजी अस्पताल में काम करती थी। 10 अप्रैल की शाम वह लापता हो गई थी। दूसरे दिन गोस्वा गांव के रेलवे फाटक के पास ट्रैक किनारे उसका शव पड़ा मिला था।
संदेह के आधार पर परिजनों ने दो पर नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। जब पुलिस ने तफ्तीश की तो नामजद आरोपियों की भूमिका नहीं मिली। एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया जांच में सामने आया कि अमित अवस्थी नाम के शख्स से ट्रेनी नर्स का प्रेम प्रसंग चल रहा था। कुछ दिन बाद न्यू मेडिप्लस अस्पताल के डॉक्टर अंकित सिंह व अमित के दोस्त दिनेश मौर्या के भी संपर्क में वह आ गई थी।
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तीनों से उसकी बातचीत होती थी। ये बात वारदात से करीब दो महीने पहले तीनों को पता चली थी। तब अमित, अंकित व दिनेश ने एक साथ मिलकर ट्रेनी नर्स को मारने की साजिश रची। 10 अप्रैल की शाम करीब साढ़े पांच बजे अमित ने किशोरी से संपर्क कर उसको अपने बाग ले गया था। यहीं पर उसका गला घोंट दिया था। इसके बाद शव ट्रैक किनारे फेंक दिया था।
रिकॉर्डिंग में हत्या के सुबूत
एडीसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि नौ अप्रैल की रात ट्रेनी नर्स आरोपी अंकित के फ्लैट पर रुकी थी। यहां पर दो शख्स और थे। दूसरे दिन अस्पताल में ड्यूटी करने के बाद शाम करीब पांच बजे घर जा रही थी। तभी अमित ने उससे संपर्क कर बुलाया था। पुलिस ने आरोपियों मोबाइल खंगाले, जिसमें कुछ कॉल रिकॉर्डिंग मिली हैं। इनमें तीनों आरोपी ट्रेनी नर्स की हत्या करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। व्हाट्सएप चैट में भी इसको लेकर बातचीत की गई है।
कदम-कदम पर पुलिस की लापरवाही
जब ट्रेनी नर्स का शव बरामद हुआ था तो पुलिस इन तीनों को भी पूछताछ के लिए लाई थी। गंभीरता से जांच पड़ताल किए बगैर उनको छोड़ दिया था। इंस्पेक्टर रहीमाबाद तब तर्क दे रहे थे कि फोरेंसिक रिपोर्ट खुदकुशी की ओर इशारा कर रही है। जबकि पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि हो चुकी है। तब उच्चाधिकारियों ने फटकार लगाई थी। जिसके बाद पुलिस ने हत्या के बिंदु पर तफ्तीश शुरू कर सुबूत जुटाए और आरोपियों को पकड़ा।
आरोपी की मां ने पुलिस पर लगाया आरोप, नस काटने का प्रयास
मुख्य आरोपी अमित अवस्थी के परिजनों ने शनिवार को रहीमाबाद थाने पर एक घंटे तक हंगामा किया। आरोपी की मां कल्पना अवस्थी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने तीन लाख रुपये लेकर उनके बेटे को केस में फंसा दिया है। इसी दौरान उन्होंने अपनी चूड़ियां तोड़ीं और उसी से नस काटने का प्रयास किया। पुलिस ने उनका प्राथमिक इलाज कराया।