लखनऊ। आईटी से निशातगंज की ओर जाने वाला इंदिरा ब्रिज खतरनाक हो गया है। इसके रेलवे वाले हिस्से के गर्डर गल गए हैं। स्पैन और दीवार में दरारें आ गई हैं, जिससे कभी हादसा हो सकता है। इसको देखते हुए रविवार से फ्लाईओवर पर ट्रैफिक पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सोमवार को लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम, रेलवे के अफसर मौके का दौरा करेंगे। इसके बाद यह तय होगा कि मरम्मत का काम कैसे किया जाएगा। फिलहाल, खतरनाक स्थिति के चलते करीब एक माह फ्लाईओवर पर यातायात बंद रहेगा। 617 मीटर लंबे पुल से रोजाना 10 से 15 हजार वाहन गुजरते हैं। इसके एक माह तक बंद होने से लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।आईटी से निशातंगज की ओर जाने पर रेलवे क्रॉसिंग पड़ती है, जिससे जाम की समस्या होती थी। इसे लेकर करीब 20 साल पहले फ्लाईओवर बनाया गया था। इसके रेलवे वाले हिस्से में लगे लोहे के गर्डर गल गए हैं और पुल की फर्श व साइड वॉल में भी दरारें आ गई हैं। इसके कारण लोक निर्माण विभाग ने रविवार से पुल पर यातायात बंद कर दिया है। विभाग के इंजीनियर पंकज मौर्य ने बताया कि एक सप्ताह पहले रेलवे की ओर से पुल के जर्जर होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद मौका मुआयना कर अधिकारियों को जानकारी दी गई। हादसे की आशंका को देखते हुए पुल पर यातायात पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले यातायात विभाग को ट्रैफिक डायवर्जन के लिए पत्र भी भेजा जा चुका है।
मरम्मत में लग जाएगा एक महीना
इंजीनियर पंकज का कहना है कि सोमवार को टीम मौके पर जाकर देखेगी कि पुल की मरम्मत किस तरह की जाए, क्योंकि मरम्मत के कारण रेल गाड़ियों का संचालन भी प्रभावित होगा। अनुमान है कि मरम्मत में कम से कम एक महीने का समय लग जाएगा।
शहर का दूसरा पुल हुआ जर्जर
इंदिरा ब्रिज से पहले अंग्रेजों के समय बना पक्का पुल भी जर्जर हो चुका है। इसके चलते उस पर पिछले करीब तीन महीने से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। पुल जर्जर होने के कारण अब गोमती नदी पर नया पुल बनाए जाने की योजना बनी है।