रायबरेली में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते व्यापारी।
रायबरेली। ऑनलाइन ट्रेडिंग के विरोध में व्यापारियों का गुस्सा मंगलवार को सड़कों पर दिखा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के आह्वान पर एकत्रित हुए व्यापारियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के खिलाफ डिग्री कॉलेज चौराहा स्थित शहीद चौक पर विरोध प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च भी निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर आक्रोशित व्यापारियों ने अपनी मांगों का प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया। इसमें विशेष तौर पर ऑनलाइन ट्रेडिंग को देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग शामिल थी।
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए व्यापार मंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष बसंत सिंह बग्गा ने कहा कि ऑनलाइन ट्रेडिंग से देश के सात करोड़ व्यापारियों और उनके यहां कार्यरत कर्मचारियों का जीवन अंधकारमय हो रहा है। प्रांतीय संगठन मंत्री मुकेश रस्तोगी ने कहा कि केंद्र सरकार के स्तर से फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट, ई-कामर्स तथा माडर्न ट्रेड को बढ़ावा देने से देश में डिस्ट्रीब्यूटर एवं ट्रेडर्स की समस्या काफी बढ़ गई है। यदि केंद्र सरकार ने समय रहते खुदरा व्यापार को खत्म होने से नहीं रोका, तो देश के छोटे व्यापारी भूखमरी की कगार पर आ जाएंगे। व्यापारी नेता सत्यांशु दुबे ने कहा ऑनलाइन ट्रेडिंग से युवा वर्ग खुदरा व्यापार में आने से परहेज करने लगा है जो काफी बड़ी परेशानी बन रहा है। विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने वालों में व्यापारी नेता पवन अग्रहरि, राम गोपाल वैश्य, प्रदीप पटेल, मुन्ना पांडेय, मोनू अरोड़ा, सरदार मंजीत सिंह, सिराज अहमद, रागेंद्र व शीतला सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।