लखनऊ। यूपी बोर्ड के टॉपर छात्रों को इस बार लैमिनेटेड अंकपत्र मिला है। लैमिनेशन होने के कारण इस पर विद्यालय के प्रधानाचार्य का हस्ताक्षर और मुहर नहीं लग पा रही है। इससे छात्र परेशान हैं। जिले में इस बार हाईस्कूल व इंटर के 30 टॉपर छात्र हैं।
स्कूलों में इस समय यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर के अंकपत्र बांटे जा रहे हैं। इसमें टॉपर छात्रों को मिल रहे अंकपत्र बोर्ड से ही लैमिनेशन करवा कर भेजे गए हैं। इससे इनका स्कूल से सत्यापन नहीं हो पा रहा है। स्नातक में दाखिले के दौरान छात्रों को अपने अंकपत्र की मूल कॉपी दिखानी होती है, जो विद्यालय से सत्यापित होना चाहिए। टॉपर छात्रों ने बताया कि सत्यापन के लिए लैमिनेशन हटाना पड़ेगा। इसमें डर लगता है कि कहीं यह फट न जाए। बाल निकुंज ग्रुप ऑफ स्कूल्स के एमडी एचएन उपाध्याय ने बताया कि अंकपत्र का विद्यालय से सत्यापन जरूरी होता है। सभी छात्रों को अंकपत्र सत्यापित कर दिए जा रहे हैं। इस बार स्कूल के दो छात्र इंटरमीडिएट में जिले की मेरिट में आए हैं। उन्हें लैमिनेटेड अंकपत्र बोर्ड ने दिया है। इसे सत्यापित करने के लिए लैमिनेशन उखाड़ना पड़ेगा। डीआईओएस राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि टॉपरों को अंकपत्र अलग से एक कार्यक्रम में दिए गए थे। लैमिनेशन बोर्ड ने ही करवाया है। अंकपत्र वैध हैं। यदि छात्र को विद्यालय से सत्यापित कराना है तो वह लैमिनेशन हटवा सकता है।