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वट सावित्री व्रत और शनि जयंती आज

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लखनऊ। सुहाग की मंगलकामना और दीर्घायु के लिए मनाया जाने वाला वट सावित्री व्रत शुक्रवार को मनाया जाएगा। लॉकडाउन को देखते हुए बृहस्पतिवार को बाजारों, कॉलोनियों और मोहल्लोें में एक फीट से लेकर ढाई-तीन फीट तक की बरगद की डालें खूब बिकीं। लोगों ने 10 से 20 रुपये चुकाकर डालें खरीदी। इसके अलावा शुक्रवार को ही शनि जयंती भी मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य प्रदीप तिवारी ने बताया कि महिलाएं निर्जल व्रत रहकर पति के लिए अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। सामूहिक रूप से पूजा के बजाय घर में बरगद की डाल लेकर पूजा करना उत्तम रहेगा। डाल तोड़ने से पहले वृक्ष देवता से क्षमा याचना कर डाल तोड़ने का विधान है।     घरों में ही करें शनि स्त्रोत का पाठ ज्येष्ठ माह की अमावस्या को शनि जयंती के शुक्रवार को मनाई जाएगी। घरों में ही शनि स्त्रोत का पाठ कर सकते हैं। ज्योतिषी एसएस नागपाल ने बताया कि सूर्य पुत्र भगवान शनि न्याय के देवता हैं। इस दिन शनि पूजन व्रत और शनि की वस्तुओं के दान और शनि के मंत्र जैसे ‘ऊँ शं शनैश्चराय नम:’। प्रां प्रीं प्रौं स: शनये नम:’ के जाप से शनि प्रसन्न होते है। शनि को ज्योतिष में न्यायाधीश कहा गया है। शनि को प्रसन्न करने के लिए पीपल के वृक्ष की पूजा, पीपल के नीचे सरसों के तेल का दिया जलाना, दीन-दु:खियों, गरीबों और मजदूरों की सेवा और सहायता करनी चाहिए। काली गाय, काला कुत्ता को भोजन कराने, सरसों का तेल, कच्चा कोयला, लोहे के बर्तन, काला वस्त्र, काला छाता, काले तिल, काली उड़द आदि के दान करने से शनि शुभफल देते हैं। भगवान शिव और हनुमानजी की उपासना से भी शनि कष्ट नहीं देते है।
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