मुजफ्फरनगर दंगे की जांच के लिए गठित जस्टिस विष्णु सहाय आयोग का कार्यकाल छह महीने बढ़ा दिया गया है।
राज्य सरकार के फैसले पर प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता ने गुरुवार को औपचारिक आदेश जारी कर दिए।
सांप्रदायिक हिंसा की जांच के लिए गठित जस्टिस विष्णु सहाय आयोग का कार्यकाल 11 नवंबर को समाप्त हो गया था।
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इससे पहले ही आयोग के अध्यक्ष ने राज्य सरकार से कार्यकाल बढ़ाने का आग्रह किया था।
आयोग ने अपनी दो माह की जांच में अभी तक साढ़े छह सौ से अधिक लोगों के शपथ पत्र लिए हैं।
राज्य सरकार से आयोग का कार्यकाल बढ़ाने के आग्रह में इस तथ्य का उल्लेख किया गया था।
साथ ही यह भी कहा गया था कि इतने ही या इससे अधिक शपथ पत्र और लिए जाने हैं। इसके बाद उनमें दिए गए तथ्यों का परीक्षण किया जाना है।
इस कार्य में समय लगेगा, लिहाजा आयोग का कार्यकाल बढ़ाने पर विचार किया जाए।
राज्य सरकार ने आयोग के इस पत्र पर विचार करने के बाद गुरुवार को फैसला किया। आयोग का कार्यकाल उसकी अवधि समाप्त होने के दिन से बढ़ाया गया है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विष्णु सहाय ने कहा, मैंने सरकार से छह माह का समय बढ़ाने की मांग की थी जो स्वीकार कर ली गई है।
अभी शपथ पत्र लेने का सिलसिला जारी है। इसके बाद इनमें दिए गए तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा। फिर बयान दर्ज होंगे।
इसके बाद ही आयोग अपना निष्कर्ष निकाल सकेगा। आयोग का एक कैंप आफिस मुजफ्फरनगर में चल रहा है।
उन्होंने कहा, जांच काफी विस्तृत है और इसमें काफी समय लगना है। जांच की पूरी प्रक्रिया है।
अभी तो यह आकलन है कि जितने शपथ पत्र आए हैं, उतने और आएंगे। यह संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
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