उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम में सामने आए बीज घोटाले में बुधवार को कानपुर परियोजना से संबंधित विपणन अधिकारी आलोक कुमार व अवधेश कुमार और शैक्षिक सहायक उमेश राय को निलंबित कर दिया गया।
एमडी संतोष कुमार खरे ने गोरखपुर के बीज विकास निगम के परियोजना अधिकारी उग्रसेन सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त कर मामले की 45 दिन में जांच रिपोर्ट तलब की है। कानपुर के कल्याणपुर थाने में इस मामले में केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बीज विकास निगम हर साल करोड़ों रुपये के बीज कृषि विभाग को सप्लाई करता है। हाल ही में फर्जी रसीदों से करोड़ों रुपये का पेमेंट लेने का मामला सामने आया। अभी तक करीब 34 हजार क्विंटल गेहूं और तीन हजार क्विंटल मूंग, मसूर, तोरिया, उड़द, चना व मटर के बीजों के फर्जी बिल मिल चुके हैं।
‘अमर उजाला’ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद निगम के एमडी संतोष कुमार खरे ने कानपुर परियोजना के बीज विपणन से संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर उन्हें तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं, कानपुर से मिली जानकारी के अनुसार निगम के लोग तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कराने कल्याणपुर थाने गए थे। पर, वहां के थानाध्यक्ष ने विभागीय जांच पूरी करने के बाद एफआईआर कराने के लिए कहा। इसके बाद निगम के कर्मचारी बिना केस दर्ज कराए लौट आए।