लखनऊ से गिरफ्तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्य व ऑल इंडिया उलमा काउंसिल के अध्यक्ष मो. अहमद बेग और बाराबंकी से पकड़े गए मो. नदीम अंसारी व कमरुद्दीन उर्फ बबलू को विशेष न्यायाधीश अनुरोध मिश्रा ने शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में छह अक्तूबर तक के लिए जेल भेज दिया है। तीनों पर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के लिए मुस्लिम सदस्यों की भर्ती, आतंकी घटनाओं के जरिए भय पैदा करने और देश-प्रदेश के खिलाफ साजिश रचने का आरोप है।
इससे पहले एसटीएफ ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर बताया कि पीएफआई व कुछ अन्य मुस्लिम संगठन देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर भारत को खंडित कर वर्ष 2047 तक इस्लामिक राष्ट्र गजवा-ए-हिंद बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसके तहत हिंदुओं की हत्या और जगह-जगह विध्वंसक कार्रवाई करने की योजना के तहत मुस्लिमों के बीच साहित्य बांटा जा रहा है।
बाराबंकी का नदीम, बहराइच का कमरुद्दीन व लखनऊ का अहमद बेग संगठन को मजबूत बनाने के लिए मुसलमानों को भर्ती कर रहा है। इसकी सूचना पर एसटीएफ ने 22 सितंबर को बाराबंकी से नदीम व कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ इंस्पेक्टर शिवनेत्र सिंह ने वहां के कुर्सी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी तरह लखनऊ से गिरफ्तार अहमद बेग के खिलाफ इंस्पेक्टर हेमंत भूषण ने यहां मदेयगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। एसटीएफ ने अहमद के पास से मोबाइल, लैपटॉप, 22 किताबें और 5640 रुपये बरामद किया। इसी तरह नदीम व कमरुद्दीन के पास से गजवा ए हिंद से संबंधित अवांछनीय साहित्य, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और मोबाइल फोन बरामद किया गया।