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रेलवे ठेकेदार की हत्या में शामिल तीन बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल

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लखनऊ। पुलिस व बदमाशों के बीच रविवार सुबह कैंट के पिपराघाट इलाके में मुठभेड़ में दोनों तरफ से फायरिंग में तीन बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल तीनों बदमाश बिहार के माफिया शहाबुद्दीन के करीबी रईस खान के गिरोह से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों ने ही रेलवे ठेकेदार व बिहार के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र उर्फ गोरख ठाकुर की हत्या की थी। पुलिस के मुताबिक, घायल शूटरों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस मुख्य आरोपी फिरदौस और वीरेंद्र ठाकुर की पत्नी प्रियंका की तलाश कर रही है।
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डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह के मुताबिक, रविवार सुबह सूचना मिली कि कैंट इलाके में बिहार के कुख्यात रईस खान गैंग के शूटर घूम रहे हैं। सूचना पर क्राइम ब्रांच, आशियाना और कैंट थाने की पुलिस को चेकिंग के लिए लगाया गया। सुबह करीब छह बजे पिपराघाट रोड पर एक बाइक पर सवार तीन बदमाश देखे गए। उनको पुलिस ने रोका तो रफ्तार बढ़ा दी। कुछ दूर तक पुलिस ने पीछा किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में तीनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। पकड़े गए बदमाशों में बिहार के सिवान स्थित खगौरा धनौती का कासिफ उर्फ राहत, सिसवन गयासपुर का रजी अहमद खान और दरभंगा के कैतोल मोहम्मदपुर का फैसल खान शामिल हैं। तीनों सिवान के माफिया व पूर्व सांसद रहे शहाबुद्दीन के करीबी रईस खान के गिरोह से ताल्लुक रखते हैं। आरोपियों के पास से पुलिस ने 9 एमएम पिस्तौल, 32 बोर पिस्तौल, तमंचा, पांच खोखा 9 एमएम, एक कारतूस 9 एमएम, 32 बोर के दो खोखा और चार कारतूस, एक बाइक और नकदी बरामद की है।
शहाबुद्दीन की मौत के बाद रईस चला रहा गिरोह
पुलिस के मुताबिक, बिहार के सिवान के माफिया और राजद के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के करीबी गुर्गे रईस खान ने बड़ा गिरोह तैयार कर रखा है। शहाबुद्दीन की मौत के बाद रईस ही इस गिरोह को संचालित कर रहा है। रईस के करीबी रहे फिरदौस ने ही निलमथा में रहने वाले रेलवे ठेकेदार व बिहार के शिकारपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र उर्फ गोरख ठाकुर की हत्या कराई थी। पकड़े गए कासिफ ने बताया कि वह रईस खान का निजी वाहन चलाता है। वहीं रजी अहमद खान ने बताया कि वह 16 साल से रईस खान के साथ है। उसका घर भी रईस के घर केसामने है। कासिफ और रजी उर्फमुन्ना ने कुबूल किया कि वे फिरदौस के साथ लखनऊ आए थे और वीरेंद्र ठाकुर की हत्या की थी। फिरदौस, रईस के लिए काम करता था। वीरेंद्र ठाकुर की हत्या के लिए उसने रईस से मदद मांगी थी।
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फरार फिरदौस और प्रियंका की तलाश तेज
कमिश्नेरट पुलिस ने सात दिन के अंदर वीरेंद्र ठाकुर हत्याकांड में चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इसमें हत्याकांड के मास्टरमाइंड कमलेश जायसवाल उर्फ बिट्टू सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया था। मुख्य आरोपी फिरदौस फरार है। वहीं बिट्टू की प्रेमिका व वीरेंद्र ठाकुर की पहली पत्नी प्रियंका भी उसके साथ है। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। फिरदौस के बारे में बताया जा रहा है कि वह प्रियंका के साथ नेपाल से फरार हो गया है। एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास के मुताबिक, बिट्टू ने वीरेंद्र की हत्या की साजिश रची थी। 24 जून को फिरदौस और उसके साथी शूटर लखनऊ आए थे और 25 जून को घर में घुसकर हत्या की थी।
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