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राम मंदिर की खास बात: एक साथ डेढ़ लाख श्रद्धालु कर सकेंगे परिक्रमा... और ये खूबी तो किसी मंदिर में नहीं

Tue, 18 Jul 2023 04:57 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या

सार

अयोध्या के राम मंदिर की परिक्रमा एक साथ डेढ़ लाख श्रद्धालु कर सकेंगे। इसके अलावा मंदिर में एक खास बात और होगी जो कि भारत के किसी भी मंदिर में नहीं है।
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- फोटो : नितिन श्रीवास्तव।
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विस्तार
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रामजन्मभूमि में राममंदिर का 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। मंदिर का भूतल बनकर तैयार है, अब फर्श निर्माण की तैयारी चल रही है। राममंदिर में एक साथ डेढ़ लाख श्रद्धालु परिक्रमा कर सकेंगे। इसके लिए मंदिर की परिधि में 800 मीटर लंबे परकोटे के साथ 200 मीटर लंबी टनल का भी निर्माण कराया जा रहा है।

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मंदिर के चारों ओर आठ एकड़ की परिधि में भूतल से 48 फीट ऊंचे परकोटे का भी निर्माण जारी है। यह मंदिर की सुरक्षा के लिहाज से अहम होगा। वहीं मंदिर की पूरब दिशा में 200 मीटर लंबे टनल का भी निर्माण किया जा रहा है।

 

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बताया जा रहा है कि यह देश का पहला ऐसा मंदिर होगा, जिसके मुख्य द्वार के नीचे से होकर श्रद्धालु निकास द्वार तक पहुंचेंगे। सिंहद्वार से पहले गोपुरम का भी निर्माण कराया जाना है। गोपुरम परकोटे का प्रवेश द्वार होगा जबकि सिंहद्वार मंदिर का प्रवेश द्वार होगा। परकोटे से होकर मंदिर तक श्रद्धालुओं को आना होगा।

बताया गया कि प्रमुख अवसरों रामनवमी, सावन मेला, कार्तिक मेला आदि में राममंदिर में करीब एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में पूजा के दौरान जो दर्शनार्थी परिक्रमा करेंगे और परकोटे में जाएंगें उनके बीच कोई टकराव न हो इसके लिए टनल का निर्माण कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं को सिंहद्वार से प्रवेश देते हुए भीड़ अधिक होने की स्थिति में इसी टनल से बाहर निकाला जाएगा।
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कुबेर टीला के पास विकसित होगा कुंड
रामजन्मभूमि परिसर में मंदिर के निकट कुंड के आकार का जलाशय भी बनाया जाना है। यह जलाशय मंदिर परकोटा के बाहर होगा। मंदिर के दक्षिण दिशा में कुबेर टीला के पास इसे विकसित किया जाएगा। यह जलाशय कितना लंबा-चौड़ा होगा, इसकी डिजाइन पर अभी मंथन चल रहा है। मंदिर निर्माण की कार्यदायी संस्था एलएंडटी जलाशय की डिजाइन तैयार करने में जुटी हुई है।

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