रायबरेली। नगर पंचायत बछरावां और परशदेपुर में रहने वाली करीब 40 हजार आबादी को जल्द पेयजल संकट से राहत मिलने वाली है। अमृत योजना 2.0 के तहत दोनों नगर पंचायतों में जर्जर पानी की टंकियों की मरम्मत, पाइप लाइन बिछाने आदि काम होंगे। योजना पर 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जल निगम ने इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।
नगर पंचात बछरावां में 18 हजार, जबकि नगर पंचायत परशदेपुर में 22 हजार आबादी रहती है। इन नगर पंचायतों मं पेयजल आपूर्ति के लिए लगी पानी की टंकियां जर्जर हो गई हैं। किसी की मोटर खराब है तो किसी का बोर खराब हो गया है। पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे घरों तक पेयजल की आपूर्ति ठीक से नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। खासकर गर्मी के समय में पेयजल संकट मुसीबत बन जाता है। अब अमृत योजना 2.0 के तहत नगर पंचायतों में पुरानी पानी की टंकियों की मरम्मत कराने, नए टयूबवेल लगवाने के साथ पाइप लाइन बिछाई जाएगी। योजना के तहत परशदेपुर में 24 करोड़, नगर पंचायत बछरावां में 16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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नागरिकों को मिलेंगे नए कनेक्शन
करीब 30 साल पहले दोनों नगर पंचायतों में पानी की टंकियां बनवाई गईं थी। देखरेख के अभाव में पानी की टंकियां जर्जर हो गई हैं। कई मोहल्ले बस गए हैं, जहां पर रह रहे लोगों के घरों में पानी की आपूर्ति के लिए कनेक्शन नहीं है। योजना के तहत नए लोगों को कनेक्शन दिए जाएंगे, ताकि उनके घरों में पानी आसानी से पहुंचा सके।
बाकी सात नगर पंचायतें लालगंज, महराजगंज, नसीराबाद, सलोन, ऊंचाहार, डलमऊ, शिवगढ़ में भी अमृत योजना 2.0 के तहत जल्द पेयजल संकट दूर कराने के तहत काम होगा। अधिकारियों का कहना है कि पहले फेज में दो नगर पंचायतों में ही पेयजल संकट दूर कराने के लिए पाइप लाइन बिछाने, नई पानी की टंकियों का निर्माण कराने को हरी झंडी मिली है। शेष नगर पंचायतों में पेयजल संकट दूर कराने का काम दूसरे फेज में किया जाएगा।