जानकीपुरम के सुल्तानपुर गांव में रहने वाले नलकूप जेई शैलेंद्र कुमार, उसकी पत्नी गीता व बेटी प्राची के खुदकुशी के मामले में नया मोड़ आ गया है।
पुलिस के हाथ एक तीसरा सुसाइड नोट लगा है। इसकी लिखावट जेई की हैंडराइटिंग से मेल खा रही है। इस सुसाइड नोट में भी चचेरे भाई राजू पर कई आरोप लगे हैं।
वहीं, नलकूप विभाग में तैनात रहे सहयोगी की पत्नी ने कार हड़पने का आरोप मृत जेई पर लगाया है और अलीगंज थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने अब दोनों नए बिंदुओं पर पड़ताल शुरू कर दी है।
राजू पर आरोप है कि उसी ने 54 हजार वर्गफीट विवादित जमीन खरीदवायी, फिर इस जमीन का काफी हिस्सा बेच दिया। इससे मिली रकम में से डीएम सर्किल रेट के हिसाब वाली राशि जेई शैलेंद्र कुमार की पत्नी गीता के खाते में जमा कराई और बाकी पैसा हड़प लिया।
उधर, जमीन के विवादित मिलने पर खरीदारों ने रुपये लौटाने को कहा तो राजू ने उन्हें शैलेंद्र के पास भेज दिया। शैलेंद्र पर इसका दबाव बनाया जाने लगा कि रकम उसकी पत्नी के खाते में आई है, लिहाजा उसे रुपये लौटाने होंगे।
इसके अलावा कई लोगों ने नौकरी के नाम पर जेई को लाखों रुपये दिए थे। पीड़ित इस रकम के लिए भी लगातार तगादा कर रहे थे। एडीसीपी उत्तरी अनिल यादव ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर पड़ताल की जा रही है। राजू अभी तक फरार है।
सहयोगी की पत्नी ने लगाया कार हड़पने का आरोप
नलकूप विभाग में तैनात रहे कर्मचारी की पत्नी ने एसीपी अलीगंज को दी तहरीर में बताया है कि जेई ने उनके पति के नाम पर कार फाइनेंस कराई थी। बैंक से नोटिस आने पर पता चला कि जेई किश्त ही नहीं दे रहे हैं। कोरोना में उनके पति की मौत हो गई थी। वह जब जेई से इस बारे में बात करने पहुंची तो उन्होंने जल्द ही पूरा पैसा बैंक को अदा करने की बात कही थी। कर्मचारी की पत्नी का आरोप है कि उनसे कार देने को कहा था। इस बीच जेई ने खुदकुशी कर ली। अब कार का भी कुछ पता नहीं चल रहा है।